इसके बाद ईंट से उसके सिर, सीने और पेट पर वार किए। इसमें अंकुर लहूलुहान होकर वहीं पड़ा रहा। इसके बाद आरोपी धमकी देकर वहां से भाग गए। परिजनों ने अंकुर को पहले कैलाश अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसको हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इसके बाद नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में अंकुर को भर्ती कराया गया।
सीओ शोभित कुमार अत्री ने बताया कि मामले में बगराई निवासी निशांत, सौरभ, कृष्णा, भूपेंद्र, झमका निवासी लाखन व करन, प्रशांत और अन्य अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की थी। एसएसपी बुलंदशहर की ओर से आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। पुलिस ने आरोपी लखन को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया।
इसके अलावा भूपेंद्र व निशांत को भी पकड़ा। वहीं, आरोपित करन ने न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया था। शनिवार शाम को अंकुर ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अंकुर की मौत के बाद मुरारी नगर मोहल्ले में विलाप पसर गया और अधिवक्ताओं में रोष फैल गया। रविवार सुबह पोस्टमार्टम जांच के बाद पुलिस सुरक्षा में शव घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजन बिलख उठे और परिजनों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
सुरक्षा को लेकर सीओ खुर्जा शोभित कुमार अत्री और सीओ सदर प्रखर पांडेय समेत खुर्जा, जहांगीरपुर, अरनिया, खुर्जा देहात, ककोड़, चोला थानों का पुलिस बल रहा। शांति पूर्ण रूप से शव को गांव बगराई ले जाया गया, जहां तहेरे भाई रूपा ने मुखाग्नि दी।
मां प्रधानाचार्य और पिता हैं अधिवक्ता
अंकुर के पिता अशोक चौधरी खुर्जा सिविल कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। मां वीरवती बगराई गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं और बड़ी बहन अकांक्षा शादीशुदा हैं। अंकुर घर के इकलौते बेटे थे, जिनकी मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है।