तीन गोवंशों की मौत, लंपी रोग की आशंका
बुलंदशहर/ककोड़। जिले में सोमवार को तीन पशुओं की मौत हो गई। तीनों पशुओं में लंपी रोग के लक्षण थे। जिले में फिलहाल 345 पशुओं में रोग के लक्षण मिले हैं। इन्हें अन्य पशुओं से दूर निगरानी में रखा गया है। 120 पशुओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। बीमारी की रोकथाम के लिए चार ब्लॉकों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वहीं 20 क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। इनमें लक्षण वाले पशुओं को रखा जाएगा। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए टीके का एक लाख डोज मिला है। रविवार को 2800 पशुओं को बचाव का टीका लगाया गया।
ककोड़ के ग्राम धनौरा निवासी नवी पुत्र जवाहर के बैल और चंद्रबोस की गाय की बीमारी के कारण मौत हो गई। वहीं क्षेत्र के गांव सैदमपुर में भी एक गोवंश की बीमारी के चलते मौत हो गई। मृत गोवंशों में लंपी रोग के लक्षण थे। उप पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज ने बताया कि क्षेत्र में अभी लंपी रोग की पुष्टि नहीं हुई है। लंपी रोग में एक से डेढ़ प्रतिशत ही मौत की आशंका रहती है। तीनों गोवंशों की बीमारी के कारण मौत हुई है। मौत का कारण अन्य बीमारी भी हो सकती है। जांच के लिए टीम को गांव भेजा गया है।
शुरू हुआ टीकाकरण अभियान
पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए सोमवार से गांव-गांव सघन टीकाकरण शुरू हो गया है। पहले दिन 2800 पशुओं को टीका लगाया गया। विभाग को इस बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए विभाग को एक लाख डोज उपलब्ध हो गई है। विभाग की बीमारी से पीड़ित पशुओं पर नजर रखी जा रही है।
345 पशुओं में बीमारी के लक्षण
सीवीओ डा. आनंद कुमार के अनुसार जिले में इस समय 345 पशुओं में बीमारी के लक्षण हैं। इन सभी का इलाज चल रहा है और अब उन्हें लंपी रोधी डोज भी दिया जा चुका है। इन पशुओं पर विभाग की नजर है और चिकित्सक लगातार निगरानी रखे हुए हैं। पशुपालकों को भी बीमारी से पशुओं को निजात दिलाने के लिए टिप्स दिए गए हैं। विभाग की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों से 12 पशुओं का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। इनकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही बीमारी की पुष्टि हो सकेगी।
यहां बनाए गए हैं क्वारंटाइन सेंटर
लंपी बीमारी को लेकर जिले के चार ब्लॉक सिकंदराबाद, पहासू, अनूपशहर, शिकारपुर, खुर्जा में पशुपालन विभाग ने अलर्ट घोषित कर रखा है। कुछ लंपी जैसी बीमारी से ग्रस्त पशु इन ब्लॉकों में मिले हैं। इन चार ब्लॉकों में एक-एक क्वारंटाइन सेंटर बनाया है तो 16 ब्लॉकों में एक-एक बनाया गया है। इस तरह से पूरे जिले में 20 क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। सोमवार को विभागीय के पशु चिकित्सकों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि इस बीमारी से दूसरे पशु प्रभावित न हों।
उबालकर ही पीएं दूध
सीवीओ ने बताया कि बीमार पशुओं के दूध का कच्चा सेवन न करें, बल्कि उसे अच्छी तरह उबालकर ही पीएं। ऐसा करने से वायरस होने पर भी कोई असर नहीं होगा। हालांकि लंपी बीमारी से पीड़ित पशु का दूध पीने से अभी तक किसी भी व्यक्ति के बीमार होने का कोई मामला सामने नहीं आया है। इस बीमारी का असर जिले के लगभग सभी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। टीकाकरण के साथ पशु पालकों को इस बीमारी के लक्षण और बचाव आदि की जानकारी दी जा रही है।
यदि किसी भी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल इसकी सूचना क्षेत्र के पशु चिकित्सक को दें, ताकि उसका सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा जा सके। साथ ही उसे टीका लगाया जा सके। लंपी बीमारी से पूरी तरह से निजात पाने के लिए शासन से और डोज की भी मांग की जा रही है।
- डॉ. आनंद कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी