झोलाछाप के इंजेक्शन से किशोर की मौत
बुलंदशहर। अरनियां क्षेत्र में झोलाछाप के इंजेक्शन से बुखार से पीड़ित 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। परिजनों ने मौत के लिए झोलाछाप को जिम्मेदार ठहराया है और कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर किशोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा। झोलाछाप दुकान बंद कर मौके से भाग गया है।
अरनियां क्षेत्र के गांव नगला शेरपुर निवासी मनोज कुमार का 15 वर्षीय पुत्र दीपांशु पिछले दो दिन से बुखार से पीड़ित था। परिजन गांव के ही एक झोलाछाप से इलाज करवा रहे थे। शनिवार रात स्वास्थ्य बिगड़ने पर परिजन दोबारा झोलाछाप के पास पहुंचे। मृतक दीपांशु के फूफा सुरेंद्र सिंह ने बताया कि झोलाछाप ने उसे अपने पास भर्ती कर लिया और कुछ देर बाद जब इंजेक्शन लगाया तो उसकी हालत बिगड़ती चली गई। इसके बाद उसकी मौत हो गई। किशोर की मौत होने पर परिजनों ने झोलाछाप पर गलत इंजेक्शन का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। जिससे मौके पर भीड़ लग गई और झोलाछाप भीड़ का फायदा उठाकर भाग खड़ा हुआ। हंगामे की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों द्वारा पुलिस कार्रवाई की मांग किए जाने पर मृतक के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
पांच दिन में बुखार से दूसरी मौत
जिले में बुखार से मौत के आंकड़े अब बढ़ने लगे हैं। चार दिन पूर्व अहार क्षेत्र में एक किशोरी की बुखार से मौत हो गई। किशोरी का उपचार भी परिजनों द्वारा झोलाछाप से कराया जा रहा था। अब शनिवार को झोलाछाप से इलाज के चलते एक और किशोर की मौत हो जाने से आंकड़े दो हो गए हैं।
बिना डिग्री करते हैं प्रैक्टिस
शहर समेत जिलेभर में गली-गली छोटे-छोटे मकानों में हजारों झोलाछाप अपनी प्रैक्टिस करते रहते हैं। मामला सामने आने के बाद विभाग की ओर से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है लेकिन कुछ दिनों बाद मामला ठंडा हो जाने के बाद सांठगांठ हो जाने पर संबंधित के क्लीनिक/अस्पताल पर लगी सील को हटा दिया जाता है। इसके बाद झोलाछाप फिर अपने कार्य में जुटे नजर आते हैं। जांच में एक भी झोलाछाप पर संबंधित क्लीनिक चलाने की डिग्री नहीं मिलती।
न पड़ें झोलाछाप के चक्कर में
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि समय-समय पर झोलाछाप और बिना पंजीकरण संचालित हो रहे नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब एवं अस्पताल आदि के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया जाता है। लोगों से अपील है कि बुखार को हल्के में न लें और बुखार होने पर पंजीकृत या सरकारी चिकित्सालय के चिकित्सक की सलाह पर दवा का सेवन करें। बिना जानकारी ली जाने वाली छोटी सी दवा भी जानलेवा हो सकती है।
जिला अस्पताल में बेड होने लगे फुल
जिला अस्पताल में इन दिनों ओपीडी से लेकर वार्ड में भर्ती तक वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। हालत यह हो गई है कि प्रतिदिन वार्ड में बुखार से पीड़ित मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा हे। इसके चलते वार्ड में बेड फुल चल रहे हैं। वहीं, ओपीडी में प्रतिदिन 400 से 500 तक मरीज वायरल बुखार के आ रहे हैं। जिन्हें परामर्श और दवा देकर घर भेज दिया जाता है।
मृतक किशोर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजन जो तहरीर देंगे, उसी के आधार पर जांच कर मुकदमा लिखा जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से झोलाछाप के संबंध में रिपोर्ट मांगी जाएगी। - दिलीप सिंह, सीओ खुर्जा
मामले की जानकारी नहीं है। न ही कोई शिकायत मिली है। यदि पुलिस से इस मामले में सूचना मिलती है तो जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील है वायरल बुखार होने पर सरकारी चिकित्सालय या पंजीकृत चिकित्सक की सलाह पर ही दवा लें। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ