लंपी का डर बरकरार, जिला 16 सेक्टर में बांटा
बुलंदशहर। लंपी स्किन बीमारी को लेकर जिले में दशहत बढ़ती जा रही है। पशु पालन विभाग ने जिले को 16 सेक्टर में बांटा है और बीडीओ को नोडल बनाया है। बीमार पशुओं पर पूरी नजर रखी जा रही है। सिकंदराबाद क्षेत्र में इस बीमारी का ज्यादा प्रकोप देखने को मिल रहा है। 400 से अधिक पशु लंपी जैसी बीमारी की चपेट में बताए गए हैं। पशुपालन विभाग की टीमें गोवंशों का लगातार का उपचार कर रही हैं, कुछ बीमार गोवंशों की सेहत में पहले से सुधार बताया जा रहा है। बीमारी पर काबू पाने के लिए जिले के 16 ब्लॉकों को सेक्टर में विभाजित कर दिया है और टीमें गांव-गांव जाकर उपचार कर रही हैं।
पिछले कुछ दिनों से लंपी स्किन बीमारी ने जिले में दस्तक दे रखी है। विभिन्न क्षेत्रों में करीब अब तक करीब 10 पशुओं की मौत हो चुकी है और पशु पालन विभाग इन मौतों को लंपी से नहीं मान रहा है। लेकिन पशुओं की त्वचा को देखने के बाद लंपी बीमारी से इंकार भी नहीं कर रहा है। सीवीओ ने बताया कि जिले में टीमें पूरी तरह से सतर्क हैं और गोटपॉक्स वैक्सीनेशन किया जा रहा है, इसके अलावा जो पशु लंपी जैसी बीमारी से पीड़ित हैं उनका उपचार भी किया जा रहा है। उपचार के बाद पशुओं में रिकवरी भी देखने को मिल रही है। 25 सैंपल जिले से जांच के लिए अभी और भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। लैब से जिस सैंपल की रिपोर्ट में लंपी बीमारी की पुष्टि हुई थी, उस पशु की सेहत में अब सुधार है।
लंपी बीमारी से पीड़ित पशुओं का उपचार जारी है। जिस गोवंश की रिपोर्ट लंपी पॉजिटिव आई थी, वह अब ठीक है। जिले को 16 सेक्टर में बांटा गया है। बीडीओ इसके नोडल हैं और वह प्रतिदिन रिपोर्ट दे रहे हैं। धीरे-धीरे पशुओं में रिकवरी हो रही है। वैक्सीनेशन भी तेजी से किया जा रहा है। गांवों में गोवंशों को लगातार उपचार दिया जा रहा है।
- डॉ. आनंद कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी।