फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये कैसी व्यवस्था: बिना ऑक्सीजन मोबाइल की टॉर्च में करनी पड़ी नसबंदी, एक महिला हुई बेहोश; कई डर कर लौटीं

Fri, 13 Jan 2023 09:09 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, जहांगीराबाद/बुलंदशहर

सार

जहांगीराबाद सीएचसी पर अंधेरे में नसबंदी करने का मामला पहला नहीं है। इससे पूर्व अन्य सरकारी चिकित्सालयों मोबाइल की टॉर्च जलाकर टाके लगाना, प्रसव कराना और ऑपरेशन तक किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
नसबंदी के दौरान बिगड़ी महिला की हालत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जहांगीराबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी की लापरवाही से महिलाओं की जान जाते-जाते बची। शुक्रवार को सीएचसी पर नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान सीएचसी पर न तो चिकित्सक मौजूद मिला, न बिजली की व्यवस्था मिली, इतना ही नहीं ऑक्सीजन को लेकर भी कोई व्यवस्था नहीं दिखी। ऐसे में अंधेरा होने के कारण मोबाइल की टॉर्च जलाकर नसबंदी करनी पड़ी। इस दौरान एक महिला बेहोश हो गई। जिसे किसी प्रकार संभाला गया। नसबंदी करने गई विशेषज्ञ ने इसकी शिकायत सीएमओ से की है।

विज्ञापन

शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार नियोजन को लेकर समय-समय पर नसबंदी शिविर का आयोजन किया जाता है। शुक्रवार को जहांगीराबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के आयोजन को लेकर पूर्व में ही तैयारियां करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन ऐन वक्त पर सीएचसी पर तैनात चिकित्सक सीएचसी से कहीं बाहर चले गए। जिनके जाने से सीएचसी में अव्यवस्थाएं नजर आईं। 

जबकि शिविर में 10 से अधिक महिलाएं नसबंदी कराने के लिए आई थीं। उन्हें सीएचसी पर बैठने, बिजली, पानी की समस्या से जूझना पड़ा। साथ ही ऑपरेशन कक्ष में ऑक्सीजन तक की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई। 

नसबंदी करने पहुंची विशेषज्ञ डॉ. सुधा शर्मा ने बताया कि नसबंदी के दौरान एक चिकित्सक की जरूरत होती है। वह नहीं मिले। साथ ही लाइट जाने पर मोबाइल की टार्च जलाकर नसबंदी करनी पड़ी। तो एक महिला की हालत गंभीर होने पर कर्मी ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं करवा पाए। ऐसे में किसी तरह महिला की बिगड़ी हालत में सुधार लाने का प्रयास किया गया। 

महिला की हालत बिगड़ने व अंधेरा होने के कारण अन्य महिलाएं बिना नसबंदी कराए वापस चली गई। बताया कि शिविर में इस तरह की लापरवाही मिलना गलत है। इसके बारे में सीएमओ से शिकायत की गई है।

पूर्व में भी अंधेरे में हो चुके हैं ऑपरेशन
जहांगीराबाद सीएचसी पर अंधेरे में नसबंदी करने का मामला पहला नहीं है। इससे पूर्व अन्य सरकारी चिकित्सालयों मोबाइल की टॉर्च जलाकर टाके लगाना, प्रसव कराना और ऑपरेशन तक किए जा चुके हैं। पहासू सीएचसी पर एक बार अंधेरे में ऑपरेशन करने से मरीज की हालत गंभीर हो गई थी।

समय से ऑक्सीजन न मिलने पर जा चुकी है दो दिन पूर्व दो मरीजों की जान
जहांगीराबाद सीएचसी पर ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर व ऑक्सीजन सिलेंडर आदि की व्यवस्था होने का विभाग द्वारा दावा किया गया। लेकिन नसबंदी शिविर के दौरान सीएचसी पर ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं मिली। ये हाल तब है जब दो दिन पूर्व जिला अस्पताल में समय से ऑक्सीजन न मिलने पर दो मरीजों ने दम तोड़ दिया था।
विज्ञापन

जहांगीराबाद सीएचसी पर पूर्व में भी खामी मिल चुकी है। शुक्रवार को मिली अव्यवस्था के बारे में विशेषज्ञ द्वारा अवगत कराया गया है। सीएचसी पर तैनात चिकित्सक अन्य जगह जाने की जानकारी मिली है। अव्यवस्था को लेकर जांच कराई जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें