जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका अवासीय विद्यालयों में सब्जी-दूध की सप्लाई बंद हो गई है। भुगतान नहीं होने पर कांट्रेक्टरों ने हाथ खींच लिए हैं। यह परेशानी राशि खर्च के चेकों पर अफसरों के साइन नहीं होने के कारण बनी है। बता दें कि जिले में 16 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में 1600 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।
विद्यालय में छात्राओं को रहने और खाने-पीने आदि की व्यवस्था सरकारी राशि से निशुल्क दी जाती है। खाद्य पदार्थ जैसे सब्जी और दूध आदि कांट्रेक्टरों के माध्यम से सप्लाई किया जाता है। कांट्रेक्टरों को यह राशि विभाग द्वारा चेक से पे की जाती है। मगर, पिछले एक माह से अधिक समय बीत जाने पर सब्जी और दूध की सप्लाई की पेमेंट नहीं हुई।
जिसके चलते कांट्रेक्टरों ने सप्लाई से हाथ खींच लिए। विद्यालयों में सब्जी और दूध का टोटा होने लगा है। कांट्रेक्टरों का कहना है कि इस समय नोटबंदी का दौर चल रहा है। उन्हें सप्लाई का रुपया नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय की वार्डन का आरोप है कि वह रोजाना बीएसए कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं।
मगर, अभी तक सब्जी और दूध का पेमेंट करने के लिए चेक नहीं मिल रहे है। इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी सूरज कुमार का कहना है कि सब्जी और दूध के 32 चेक हैं। एएओ की नियुक्ति नहीं होने पर चेकों पर समय से साइन नहीं हुए। उन्होंने आधे चेकों पर साइन कर दिए हैं जबकि शेष चेक पर जल्द ही साइन कर देंगे।
यह समस्या उनके सानिध्य में है और जल्द ही चेकों को साइन कर विद्यालयों को भेज दिया जाएगा। विद्यालयों में सब्जी और दूध की सप्लाई जारी रहेगी। इसके लिए कांट्रेक्टरों से संपर्क कर लिया गया है। - धर्मेंद्र सक्सेना, बीएसए