युवक की पहचान बासिद इरशाद के तौर पर हुई
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि एक सूचना के आधार पर कोतवाली नगर पुलिस ने नुमाइश पुल के पास घेराबंदी की। पुलिस ने जब एक संदिग्ध युवक को रोककर उसकी तलाशी ली और पूछताछ की, तो सच सामने आने लगा। पकड़े गए युवक की पहचान बासिद इरशाद, निवासी मकान संख्या 26, ए-ब्लॉक, न्यू कराची पाकिस्तान के रूप में हुई है।
पूरी तरह बदल चुका पहचान
हैरत की बात यह है कि आरोपी बासिद इरशाद ने बुलंदशहर में रहने के लिए अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी। उसने सैय्यद वासित अली पुत्र सैय्यद लईक अहमद के नाम से सुशीला विहार प्रथम, भूड़ कोतवाली नगर का पता दर्ज कराकर फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया था। पुलिस द्वारा विभिन्न कार्यालयों से कराए गए सत्यापन में ये सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं।
मां के पास लॉन्ग टर्म वीजा
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि बासिद की मां को लॉन्ग टर्म वीजा प्राप्त था और उसने खुद भी इसी वीजा के लिए आवेदन किया हुआ है, जो फिलहाल शासन स्तर पर विचाराधीन है। इसके बावजूद उसने नियमों को ताक पर रखकर अवैध तरीके से भारतीय पहचान पत्र बनवाए। यह पहली बार नहीं है जब बासिद पुलिस के हत्थे चढ़ा हो। उसका पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। साल 2012 में वह मेरठ जनपद के थाना ब्रह्मपुरी में विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत जेल जा चुका है। वहीं अब नगर पुलिस ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
पुलिस लेगी रिमांड, जासूसी के कोण पर होगी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है। पुलिस जल्द ही आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बासिद के पास से फर्जी दस्तावेजों का मिलना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। रिमांड के दौरान खुफिया एजेंसियां भी उससे पूछताछ करेंगी। मुख्य रूप से इस बात की जांच की जाएगी कि क्या वह सीमा पार किसी जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है? उसके मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स और संपर्क में रहने वाले स्थानीय लोगों की भी कुंडली खंगाली जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि बुलंदशहर में उसे फर्जी दस्तावेज बनवाने में किन लोगों ने मदद की थी।
क्या होता है लॉन्ग टर्म वीजा?
लॉन्ग टर्म वीजा एक विशेष प्रकार का अनुमति पत्र है, जो भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों से आए अल्पसंख्यकों को भारत में लंबे समय तक रहने के लिए दिया जाता है। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में अन्य नागरिकों को भी पारिवारिक आधार पर यह वीजा मिल सकता है। यह वीजा सामान्य टूरिस्ट वीजा के विपरीत एक से पांच साल तक के लिए वैध हो सकता है, जिसे बाद में बढ़ाया भी जा सकता है।
एसएसपी का बयान
पकड़ा गया अभियुक्त बासिद इरशाद मूल रूप से पाकिस्तान का निवासी है। इसके पास से जो आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मिले हैं, वे फर्जी नाम और पते पर बनवाए गए थे। आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है, इसलिए यह मामला संवेदनशील है। हम जल्द ही न्यायालय से आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगेंगे। रिमांड के दौरान उससे गहन पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह किन गतिविधियों में लिप्त था और क्या उसका संबंध किसी बाहरी नेटवर्क या जासूसी से है। साथ ही, जिन लोगों ने फर्जी दस्तावेज बनवाने में उसकी मदद की है, उन्हें भी चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी, बुलंदशहर