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Bulandshahar News: कामिल के हत्यारों को आजीवन कारावास

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बुलंदशहर। गांव मांकड़ी में अगस्त 2016 में युवक कामिल की गोली मारकर हत्या के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों के दोषी माना है। न्यायालय ने दोषियों को आजीवन कारावास और 85-85 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी योगेश कुमार शर्मा ने बताया कि वकील खान ने 14 अगस्त 2016 को स्याना कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि वह मांकड़ी गांव का रहने वाला है। 14 अग्सत को दोपहर करीब 12 बजे गांव निवासी भोला उसके भाई कामिल को घर से बुलाकर बकरा खरीदने के लिए ले गया था। कामिल घर से बकरा खरीदने के लिए 50 हजार रुपये भी साथ लेकर गया था लेकिन, वह घर नहीं लौटा। शाम करीब 6:45 बजे उसे सूचना मिली कि गांव निवासी तनु उर्फ तरुण और विक्रम ने तमंचे से कामिल की गोली मारकर हत्या कर दी है। साथ ही उसके साथी दीपक को भी गोली मारकर घायल कर दिया है।
वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके पर पहुंचे ग्रामीणों को हत्या की धमकी देकर भाग निकले थे। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो तमंचे भी बरामद किए थे। न्यायालय ने मामले में दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर उन्हें दोषी मानकर आजीवन कारावास और 85-85 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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ये गवाह हुए पेश
प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह के रूप में वादी मुकदमा वकील खान, वारदात में घायल हुए चक्षुदर्शी दीपक, परवेज आलम, चिकित्सक डॉ.अनिल कुमार तिवारी, डॉ.मोहित कुमार जैन, उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह, उप निरीक्षक राजेश कुमार, पैरोकार विनय त्यागी, फोटोग्राफर फील्ड यूनिट सुरेंद्र कुमार, विवेचक निरीक्षक राकेश कुमार, चक्षुदर्शी सरफराज, हसीन मोहम्मद, फरमान कांस्टेबल क्लर्क, कांस्टेबल सुनील कुमार और डॉ.पीके महेश्वरी समेत कुल 16 गवाह पेश किए गए।
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