बुलंदशहर। नगर के काला आम चौराहे से स्याना अड्डा चौराहे तक मुख्य सड़क में हुए गड्ढों से दो लाख से अधिक लोगों को परेशानी हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि सड़कों के गड्ढों के कारण न केवल हादसे हो रहे हैं, बल्कि व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। अभी तक नगर विकास विभाग की ओर से सड़क हैंडओवर को स्वीकृति नहीं दी है। इसके चलते अभी तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य सड़कों की स्थिति लगातार जर्जर हो रही है। इन सड़कों के निर्माण पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च होने हैं। जबकि नगर पालिका अधिकतम 40 लाख रुपये ही खर्च कर सकती है। ऐसे में करीब छह माह पहले नगर पालिका अधिकारियों ने नगर के काला आम से स्याना अड्डा रोड को हैंडओवर करने के लिए पत्र लिखा था।
नगर पालिका अधिकारियों ने नगर विकास विभाग को पत्र लिखकर सड़क हैंडओवर के लिए अनुमति मांगी थी लेकिन अभी तक शासन स्तर से इसकी अनुमति नहीं दी गई है। स्थिति यह है कि बारिश के बाद अब फिर से सड़क में गड्ढे हो गए हैं। काली नदी रोड निवासी राशिद ने बताया कि बाजार से आने जाने के दौरान लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है।
अधिकारी समस्या के समाधान की बात करते हैं लेकिन वर्षों से सड़क की हालत खराब है। कृष्णा नगर निवासी सूरज कुमार ने बताया कि सड़क पर छोटे वाहनों के साथ ई-रिक्शा चालकों को अधिक परेशानी हो रही है लेकिन नगर पालिका और प्रशासन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
ऊपरकोट निवासी असलम ने बताया कि काली नदी के पुल पर भी सड़क के हालात खराब हो रहे हैं। जिसके चलते कई बार ई-रिक्शा पलट चुके हैं लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। बताया कि क्षेत्र के लोग लगातार शासन-प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन लोगों की मांग पर अभी तक कोई विचार नहीं किया गया है।
रात में दौड़ रहे भारी वाहन, कार्रवाई नहीं
स्याना अड्डा और भूड़ चौराहे से शहर में होकर रात के समय भारी वाहन गुजरते हैं। सड़क की हालत खस्ता होने और भारी वाहनों के संचालन के कारण सड़क में गड्ढे और बढ़ रहे हैं। नगर पालिका ने भारी वाहनों का संचालन रोकने के लिए नगर के स्याना अड्डा और भूड़ चौराहे पर बैरियर लगाए थे लेकिन वाहन चालकों ने इन्हें तोड़ दिया। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
चार साल से गड्ढे भरकर हो रही खानापूर्ति
चार साल से काला आम से स्याना अड्डा रोड के हालात खराब हैं। स्थिति यह है कि इन गड्ढों को भरने के नाम पर कई बार में करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन इसके बाद भी न तो लोगों को राहत मिली है और न ही सड़क का निर्माण कराया जा सका है। बारिश के बाद अब एक बार फिर से अधिकारी इस सड़क के गड्ढे भरवाने की तैयारी कर रहे हैं।
Iसड़क निर्माण की लागत अधिक है जिसके चलते इस सड़क को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया जाना है। शासन स्तर से इसकी स्वीकृति के लिए संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। - डाॅ. अश्विनी कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिकाI