हरियाणा से निकली जाट आरक्षण की आग अब खुर्जा तक पहुंच गई है। जाट बिरादरी के लोगों ने समसपुर ओवरब्रिज के नीचे धरना-प्रदर्शन किया।
आंदोलन के दौरान उनकी योजना ट्रेन रोकने की थी, लेकिन सिविल और रेलवे पुलिस की सतर्कता के चलते वह पीछे हट गए। बिरादरी के लोगों ने कहा कि जब तक उन्हें आरक्षण नहीं मिलता, आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
हरियाणा में जाट बिरादरी के साथ प्रदेश सरकार की ओर से अत्याचार और अन्याय का आरोप लगाते हुए जाट बिरादरी का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले समसपुर गांव के पास ओवरव्रिज के नीचे जाटों ने धरना प्रदर्शन किया।
धरने की अध्यक्षता करते हुए जयपाल सिंह ने कहा कि हरियाणा में जाटों पर रहे अमानवीय अत्याचार को रोकने , जेल पड़े निर्दोषों की रिहाई, आंदोलन के दौरान मारे गए अथवा घायल हुए लोगों को मुआवजा, सासंद राजकुमार सैनी की सदस्यता रद्द करने जैसी दस सूत्रीय मांगे उठाईं।
जाट व छात्र नेता चौ. अरब सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारतवर्ष में जाटों के साथ मजाक किया है। जब तक आरक्षण वापस नहीं मिलता लड़ाई चलती रहेगी। धरने प्रदर्शन का संचालन जगतवीर सिंह सिरोही ने किया। लाला प्रधान, पवन चौधरी, सतीश कुमार, कुलदीप प्रधान, विजेंद्र, मनोज कुमार, संजीव कुमार, बहादुर सिंह, विनोद कुमार आदि रहे।