शहर में जाम बेशक आम लोगों के लिए सिरदर्द बना हो, लेकिन अफसरों के सामने पुलिसकर्मी यह स्थिति नहीं आने देते। पुलिसकर्मी आम लोगों को जाम से राहत बेशक न दिला पाएं लेकिन अपने कप्तान के लिए लोगों की मुसीबत जरूर खड़ी कर देते हैं।
शायद यही वजह है कि अफसरों को जाम से दो-चार नहीं होना पड़ता है, इसलिए वह जाम को बड़ी समस्या नहीं मानते। जबकि हकीकत कुछ और ही है।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे एसएसपी अनंत देव को नगर के अंसारी रोड चौराहा और काली नदी रोड स्थित धमेड़ा चौराहा पर पुलिस बूथों का उद्घाटन करना था।
दोनों ही मार्ग पर दिनभर जाम की स्थिति रहती है। पुलिसकर्मी जाम के आगे बेबश नजर आते हैं। लेकिन बृहस्पतिवार को स्थिति बदली हुई थी।
कालाआम से काली नदी होते हुए स्याना अड्डा तक और कालाआम से अंसारी रोड चौराहा होते हुए खुर्जा अड्डे तक शहर पूरी तरह जाम से मुक्त था।
डीएम रोड स्थित अपने आवास से निकलने के बाद एसएसपी महज पांच मिनट में अंसारी रोड चौराहा पहुंच गए और उसके बाद वहां से मात्र पांच से सात मिनट में धमेड़ा चौराहा पहुंच गए।
इसके बाद एसएसपी अपने कार्यालय भी महज पांच से सात मिनट में पहुंच गए। एसएसपी द्वारा पुलिस बूथ का उद्घाटन कार्यक्रम आम लोगों के लिए मुसीबत बन गया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे शहर के कई रूट डायवर्ट कर दिए गए।
कप्तान साहब जाम में न फंसे, इसके पुख्ता इंतजाम किए गए। सुबह कालाआम चौराहे से डिप्टी गंज मार्ग और कालाआम चौराहे से अंसारी रोड मार्ग पर पुलिसकर्मियों ने रूट डायवर्ट कर दिया।
इसके अलावा खुर्जा अड्डे से अंसारी रोड चौराहा और स्याना अड्डे से काली नदी मार्ग को भी डायवर्ट कर दिया गया। रूट डायवर्ट होने से हजारों राहगीरों और मरीजों को खासी परेशानी हुई।
अस्पताल जाने को तड़पते रहे मरीज
खुर्जा अड्डे से अंसारी रोड चौराहा और कालाआम से अंसारी रोड चौराहे के बीच ही जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और कई प्रमुख निजी अस्पताल हैं।
इसके अलावा कालाआम चौराहे से डिप्टी गंज के बीच तक भी कई प्रमुख निजी अस्पताल हैं। इन अस्पतालों तक पहुंचने के लिए मरीज और उनके तीमारदार पुलिसकर्मियों के आगे गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बैरियर नहीं हटाए।
मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने के लिए कई किमी तक लंबा चक्कर काटकर आना पड़ा।
पूरा अमला लगा साहब के लिए
कप्तान साहब को जाम से बचाने के लिए पूरा पुलिस अमला लगा दिया। आलम यह था कि एसएसपी साहब के आवास से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सिपाही से लेकर कोतवाल और ट्रैफिक पुलिसकर्मी से लेकर टीएसआई तक कमान संभाले हुए थे।
बैरियर पर भी चार से पांच पुलिसकर्मी रूट डायवर्ट में लगे हुए थे। इतनी पुलिसफोर्स और इतने पुख्ता इंतजाम तो किसी बड़ी घटना के वक्त भी नहीं किए जाते।
एसएसपी को ग्राम पंचायत चुनाव के ट्रेनिंग स्थल पहुंचना था, इसलिए जाम से बचने के लिए कुछ समय के लिए रूट डायवर्ट किया गया। - राजेश कुमार, एसपी सिटी