खुर्जा। अरनिया खंड क्षेत्र में रहे ग्राम सचिव प्रदीप गोस्वामी के कार्यकाल में एक करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इसमें एडीओ पंचायत ने जांच शुरू कर दी है। मामले में सचिव को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर सचिव से रकम की वसूली की जाएगी।
सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने पांच जून को नायफल सहित कई गांवों के तत्कालीन सचिव प्रदीप गोस्वामी को नोटिस भेजा। आरोप है कि ग्राम पंचायतों के लेखा प्रतिवेदन में प्रदीप गोस्वामी की ओर से नियमानुसार शासकीय धनराशि 1,03,45,289 में अनियमितता या दुर्विनियोग किया जाना पाया गया। इसमें वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2017-18 में अनियमितता पाई गईं।
इसमें नायफल उर्फ ऊंचागांव में 19 लाख, गवारौली भोजगढ़ी में 20.65 लाख, रुकनपुर में 16.56 लाख, नगलिया उदयभान में 10.49 लाख, भोगपुर में नौ लाख, हिसारा में 10.35 लाख और नगला कट में 17.33 लाख रुपये का गबन मिला है। इसको लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से एक फरवरी 2024, 24 अगस्त 2024, 23 सितंबर, 28 अक्टूबर और 24 फरवरी 2025 को पत्र भेजा गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। नोटिस में चेतावनी दी गई कि यदि स्पष्टीकरण नहीं मिलता है तो धनराशि की वसूली की जाएगी।
पेंटिंग कार्य वाले को कर दिया रजिस्टर का 2.86 लाख का भुगतान
एडीओ पंचायत ने अमीरपुर समेत सात गांवों के सचिव हरित वर्मा को 2.86 लाख रुपये गबन करने का नोटिस जारी किया। सचिव ने पेंटिंग कार्य करने वाली संस्था को रजिस्टर कार्य का भुगतान कर दिया। इसमें अगौरा अमीरपुर ग्राम पंचायत से 76 हजार रुपये, गंगावली से 45 हजार, बड़ागांव से 15 हजार रुपये, सलेमपुर पहाड़गढ़ी से 32 हजार रुपये, हिसौटी से 25 हजार रुपये, कमालपुर पहासू से 58 हजार रुपये और खेड़ा गांव से 33 हजार रुपये की गड़बड़ी सामने आई।
ऑडिट के दौरान रुपये की गड़बड़ी पाई गई थी। इसकी जांच ऑडिट टीम ही करेगी। जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से कार्रवाई की जाएगी। - जसवंत सिंह, एडीओ पंचायत