कानपुर ट्रेन हादसे के तीसरे दिन भी दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पटरी पर नहीं लौट पाया। ऊपर से कोहरे ने और भी मुसीबत पैदा कर दी। इसके चलते जहां चार ट्रेनें रद्द कर दी गईं, वहीं अधिकतर ट्रेनों का रूट बदला गया। जो ट्रेनें दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग से निकाली भी गईं वह अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से पहुंची।
शुक्रवार को हावड़ा से चलकर कालका जाने वाली कालका मेल, सीतामढ़ी-आनंदविहार लिच्छवी, ऊंचाहार, कालिंदी समेत सात ट्रेनों को रेलवे ने रद्द कर दिया। वहीं दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग से जाने वाली अधिकतर गाड़ियों का रूट डायवर्ट कर वाया मुगलसराय-हापुड़-गाजियाबाद निकाला गया।
कानपुर में ट्रैक पर मरम्मत का काम चलने और कोहरे के कारण कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से पहुंची। संगम नौ घंटे, मुरी पांच घंटे, महानंदा छ घंटे समेत कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से पहुंची। ट्रेनों के रद्द होने, समय सारिणी गड़बड़ होने और कई ट्रेनों का रूट डायवर्जन होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्टेशन अधीक्षक पीके गुप्ता ने बताया कि ट्रेनों के आवागमन और रद्द होने की सूचना ऊपर से मिली थी।