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Bulandshahar News: हनी ट्रैप में फंसा उगाही करने में शामिल दरोगा निलंबित

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बुलंदशहर/नरौरा। हनी ट्रैप में फंसाकर एक युवक से ठगी की कोशिश करने का मामला सामने आया है। हनी ट्रैप गैंग में रामघाट थाने का दरोगा पप्पू सिंह, एक मेडिकल स्टोर की संचालक प्रीति, जरगवां स्थित केके अस्पताल का संचालक ललित कुमार भी शामिल था। पुलिस ने प्रीति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, दरोगा पप्पू, ललित समेत तीन आरोपी फरार हैं। एसएसपी ने दरोगा पप्पू को निलंबित कर दिया है।
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डिबाई के पला कसेर निवासी नीतीश कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि वह कादरीबाग स्थित विशाल हॉस्पिटल में कंपाउंडर है। उसकी जरगवां स्थित केके अस्पताल में नर्सिंग का काम कर रही एक युवती से जान पहचान है। उसी युवती के नाम से तीन सितंबर की रात करीब 10 बजे उसके पास एक फोन आया। फोन करने वाली युवती ने उसे अपने कमरे पर बुलाया। वह कमरे पर पहुंचा तो वहां सुभि नामक युवती मिली, केके अस्पताल में नर्सिंग का काम सीख रही युवती वहां नहीं थी।
कमरे में सुभि के अलावा योगेश, राजा और प्रीति नाम की एक महिला भी थी। अंदर पहुंचा तो आरोपियों ने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की। सुभि ने कहा कि उसने ही फोन किया था। वहां मौजूद योगेश ने उससे डेढ़ लाख रुपये की मांग की। नहीं देने पर दुष्कर्म में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी उसे लेकर केके अस्पताल गए। वहां उसे छोड़कर डेढ़ लाख रुपये नहीं देने पर दुष्कर्म के केस में जेल भिजवाने की धमकी देते हुए आरोपी वहां से चले गए।
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दूसरे दिन नीतीश के पिता के पास केके अस्पताल के संचालक ललित कुमार का फोन आया। ललित ने कहा कि नीतीश के खिलाफ रामघाट थाने में दुष्कर्म की शिकायत दी गई है। बात करने के लिए उन्हें अस्पताल बुलाया। नीतीश के परिवार के लोग गांव के कुछ लोगों के साथ अस्पताल पहुंचे तो वहां योगेश भी था। कुछ देर बाद रामघाट थाने में तैनात दरोगा पप्पू सिंह भी पहुंच गया और मामले को निपटाने के लिए कहा। योगेश के पिता ने दरोगा पप्पू सिंह से शिकायत की कॉपी मांगी तो उसने थाने में शिकायत होने की बात कही। इसके बाद सलाह दी कि यहीं निपटा लो, थाने जाकर मामला बढ़ जाएगा। इसके बावजूद योगेश के पिता थाने पहुंचे तो वहां पता चला कि नीतीश के खिलाफ कोई शिकायत ही नहीं दी गई।
अब पुलिस ने नीतीश की शिकायत पर सुभि, योगेश, राजा, प्रीति, केके अस्पताल के संचालक ललित कुमार और दरोगा पप्पू सिंह के खिलाफ साजिश रचने, गलत तरीके से बंधक बनाने, जबरन वसूली करने, जानबूझकर हिंसा करने और चोट पहुंचाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। तीन आरोपियों योगेश, सुभि और प्रीति को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि बाकी को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा

एसपी देहात की जांच में दरोगा मिला दोषी
मामले की शिकायत एसएसपी श्लोक कुमार से भी की गई। इसके बाद एसएसपी ने एसपी देहात रोहित मिश्र को मामले में जांच के निर्देश दिए। एसपी देहात की प्राथमिक जांच में दरोगा पप्पू सिंह को दोषी पाया गया है। इस पर एसएसपी ने दरोगा पप्पू सिंह को निलंबित कर दिया है। आगे की जांच के भी निर्देश दिए हैं।
योगेश और प्रीति हैं मास्टरमाइंड
पुलिस ने बताया कि योगेश और प्रीति इस पूरे प्रकरण के मास्टरमाइंड हैं। प्रीति करीब चार साल पहले दिव्यांग युवक और उनकी मां से लूट के मामले में जेल जा चुकी है। प्रीति के पति की हत्या हो चुकी है। वर्तमान में वह केसरी झाल के पास मेडिकल स्टोर संचालित करती है। पुलिस ने बताया कि पूरी घटना का प्लान योगेश और प्रीति ने तैयार किया।

कोट
हनी ट्रैप में युवक को फंसाकर वसूली की कोशिश की गई थी। बिना शिकायत के ही दरोगा पप्पू सिंह ने युवक के खिलाफ शिकायत होने की बात कहते हुए डराया और मामले को निपटाने के लिए कहा था। प्रथम दृष्ट्या जांच में दरोगा दोषी पाया गया है। इस पर एसएसपी ने निलंबन की कार्रवाई की है। छह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। - रोहित मिश्र, एसपी देहात
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