जल्द आने की बात कहकर गए थे प्रशांत, आई मौत की खबर
बुलंदशहर। आगरा के थाना खंदौली बॉर्डर के गांव नाहर्रा में बुधवार शाम दबिश देने गए दरोगा प्रशांत यादव गोली लगने से शहीद हो गए। मूलरूप से खुर्जा तहसील के गांव छतारी निवासी प्रशांत के शहीद होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशांत के रिश्ते में चाचा लगने वाले पड़ोसी बिजेंद्र ने बताया कि वह करीब 20 दिन पूर्व छुट्टी पर घर आए थे। वापस ड्यूटी पर जाते समय जल्द आने की बात कहकर गए थे, अब उनके शहीद होने की खबर आई है। वहीं, परिजन जानकारी के बाद आगरा रवाना हो गए हैं।
छतारी थाना क्षेत्र के मोहल्ला जनकपुरी निवासी रमेश चंद के परिवार में वर्ष 1986 में जन्में प्रशांत यादव वर्ष 2005 में उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। अपने कार्य के बूते वो तरक्की की सीढ़ियां चढ़ रहे थे।
वर्ष 2010-11 में उनकी तैनाती आगरा मंडल में हुई थी। करीब दो वर्ष पूर्व उपनिरीक्षक बने थे। बीते कुछ समय से वह खंदौली थाने में तैनात थे। रिश्ते में चाचा लगने वाले पड़ोसी बिजेंद्र यादव ने बताया कि करीब 20 दिन पूर्व प्रशांत छुट्टी पर घर आया हुआ था। प्रशांत काफी मिलनसार स्वभाव के थे। घर आने पर वह सबसे राजी खुुशी लिया करते थे। छुट्टी से लौटते समय उन्होंने जल्दी आने की बात कही थी, अब उनके निधन की खबर आई है। उन्होंने बताया की प्रशांत की की छोटी बहन की शादी हो गई है। वहीं, बृहस्पतिवार को पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। घटना की सूचना के बाद मृत दरोगा के घर आसपास के लोग एकत्र हो गए। इस दौरान बिलखते हुए परिजन घटना की और जानकारी के लिए पास खड़े एक व्यक्ति से अनिल दरोगा जी से बात कराने के लिए कहते हुए नजर आए।
आगरा से जानकारी मिलते ही सक्रिय हुए अफसर
आगरा में बुलंदशहर निवासी दरोगा की हत्या की सूचना मिलते ही एसएसपी ने तत्काल छतारी थाना प्रभारी को परिजनों को मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए। जिसके तहत परिजन आगरा रवाना हुए हैं।
आगरा में तैनात बुलंदशहर के छतारी निवासी दरोगा के शहीद होने की जानकारी मिली है। छतारी थाना पुलिस को परिजनों की हर संभव मदद के लिए निर्देश दे दिए गए हैं । बृहस्पतिवार को पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
- संतोष कुमार सिंह एसएसपी बुलंदशहर