ऊंचागांव/नरसेना। झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के बाद सात साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। हालांकि कोई शिकायत नहीं की है।
गांव कमालपुर निवासी ललित के सात वर्षीय बेटे निशांत को फोड़ा-फुंसी निकल आई थी। गांव के ही एक झोलाछाप से उसका इलाज चल रहा था। ललित ने बताया कि बृहस्पतिवार को निशांत को लेकर झोलाछाप के पास गए थे। वहां उसे एक इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। फिर उसे स्याना के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने झोलाछाप पर बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। समाचार लिखे जाने तक परिजनों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को कोई तहरीर नहीं दी है। ऊंचागांव सीएचसी प्रभारी डॉ. रितेश चौहान ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
10 दिन पहले पहासू में बच्ची की गई थी जान
पहासू क्षेत्र के गांव सलेमपुर पहाड़गढ़ी गांव में उल्टी-दस्त से पीड़ित एक बच्ची की भी झोलाछाप के गलत इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई थी। परिजनों की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप के क्लीनिक को सील कर दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले की जानकारी कर जांच कराई जाएगी। झोलाछाप पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। संबंधित के इलाज संबंधी दस्तावेज नहीं होने पर सील लगाने की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ