देहात थाना क्षेत्र के गांव नगला मोइद्दीनपुर में बस कंडक्टर के घर में संदिग्ध हालात में लगी आग में मासूम भाई-बहन झुलस गए। इलाज के लिए दिल्ली ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों में चर्चा मंदबुद्धि मां द्वारा घर में आग लगाए जाने की हो रही है। हालांकि कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की लेकिन रिपोर्ट दर्ज करने के लिए अफसर तहरीर का इंतजार कर रहे हैं। नगला मोइद्दीनपुर निवासी प्रदीप प्राइवेट बस में परिचालक है। घर पर उसकी पत्नी आरती, बेटा लवकेश (5) और बेटी परी (3) रहती थी। शुक्रवार सुबह करीब 11.30 बजे दोनों बच्चे घर पर थे।
संदिग्ध परिस्थितयों में दोनों बच्चे आग की चपेट में आ गए। चीख पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े और किसी तरह बच्चों को बाहर निकालकर आग बुझाई। आनन-फानन में दोनों बच्चों को जटिया सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।
दिल्ली ले जाते समय रास्ते में दोनों बच्चों की मौत हो गई। इस घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि मृतक बच्चों की मां की मानसिक स्थिति ठीक न होने से उसने बच्चों को आग लगाई। वहीं कुछ लोग यह भी बता रहे हैं कि घर में आग लगने से दोनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। वहीं सूचना पर एसओ खुर्जा देहात मनोज सिंह भी गांव पहुंच गए। उन्होंने भी लोगों से घटना के संबंध में पूछताछ की।