बेहताशा बढ़ती महंगाई ने हर खास-ओ-आम को परेशानी में डाल दिया है। आलम यह है कि गरीबों की थाली में हरी सब्जियां और दालें कम होने लगी हैं। इतना ही नहीं मिडिल क्लास परिवारों को किचन का सामान खरीदने से पहले सोचना पड़ रहा है। कुल मिलाकर महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
एक माह में ही सब्जियों के दामों में 40 से 50 प्रतिशत तक का उछाल आ गया है। टमाटर और आलू का दाम करीब दो गुना हो गया है। टमाटर, हरी मिर्च के दाम भी आसमान पर हैं। मूंग, मसूर, उड़द, चना और मटर की दाल के दामों में तेजी आई है।
SSरिफाइंड ऑयल और सरसों का तेल अपने अधिकतम पर पहुंच गया है। खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने से न सिर्फ गरीब तबका परेशान है, बल्कि मध्यम वर्ग की भी फजीहत शुरू हो गई है। ऐसे में पॉश कालोनियों की महिलाओं को सब्जी, दाल, चीनी, तेल और आटे का मोलभाव करते हुए देखा जा रहा है।