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बुखार से दो मासूम समेत तीन लोगों ने तोड़ा दम

Thu, 22 Sep 2016 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
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जिला अस्पताल में बृहस्प‌ितवार को एक बेड पर लेटे हुए तीन मरीज। - फोटो : ब्यूरो
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बुखार का कहर दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। जिला अस्पताल समेत सभी अस्पतालों में मरीजों की लाइनें लगी हुई हैं। बृहस्पतिवार को चोला क्षेत्र में पांच दिन पूर्व जन्मे मासूम और गुलावठी क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्चे ने बुखार से दम तोड़ दिया।
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दो मौतों के बाद जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 93 हो गया है। चोला क्षेत्र के गांव खबरा निवासी सुमित की पत्नी पूजा ने पांच दिन पहले ही एक बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के बाद से ही बच्चा बुखार की चपेट में था। पहले उसका उपचार बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल में कराया गया।

बाद में उसे गाजियाबाद के एक अस्पताल में भर्ती किया गया। बृहस्पतिवार को बच्चे ने दम तोड़ दिया। गुलावठी में भी बुखार से एक मासूम ने दम तोड़ दिया। गुलावठी क्षेत्र के गांव मिट्ठेपुर निवासी छात्र अनस उर्फ रवि खान पुत्र फजलू खान की मौत हो गई। वह चौथी कक्षा का छात्र था।
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पिता फजलू खान के अनुसार अनस को पिछले 20 दिन से बुखार था। उसका इलाज पहले गुलावठी के एक निजी चिकित्सक, फिर हापुड़ व मेरठ तथा बाद में दिल्ली के अस्पताल में कराया गया। सभी अस्पतालों में अनस के बुखार की वजह चिकनगुनिया बताई गई।

अनस ने इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं, ग्रामवासियों ने बताया कि गांव में दो दर्जन से अधिक लोग बुखार के शिकार हैं। स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम गांव में नहीं आई है।

उधर, रबूपुरा में गांव खेड़ा मोहम्मदाबाद निवासी रत्तु (38) की बुखार से मौत हो गई।  वहीं दूसरी ओर, जिला अस्पताल समेत जिलेभर के सरकारी-गैरसरकारी अस्पतालों में मरीजों की कम नही हो रही है। जिला अस्पताल के वार्ड में क्षमता से दोगुना मरीज भर्ती हैं।

गांवों में लगाए जा रहे कैंप
दोनों मौतों की जानकारी नहीं है। स्वास्थ्य टीमों को भेजकर दोनों मौत का कारण जाना जाएगा। जिन-जिन गांवों में बुखार का कहर है, वहां कैम्प लगाए जा रहे हैं। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ

एस्मा लागू होते ही हड़ताल खत्म
फार्मासिस्टों की हड़ताल से मचे हाहाकार के बाद जिले में एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (एस्मा) लागू कर दिया गया। इस पर सभी फार्मासिस्ट काम पर लौट आए जिससे मरीजों को राहत मिली। उत्तर प्रदेश डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिलेभर के फार्मासिस्ट मंगलवार से हड़ताल पर थे।

हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानी हो रही थी। अस्पतालों में न तो पर्चे बन पा रहे थे और न ही दवा मिल पा रही थी। इसके अलावा इमरजेंसी सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। जिला अस्पताल में तो मरीजों ने हंगामा कर दिया था।

सिटी मजिस्ट्रेट और सीएमओ ने आनन-फानन में पहुंचकर स्थिति को संभाला था। हड़ताल के कारण हो रही परेशानी को देखते ही सीएमओ ने बृहस्पतिवार को एस्मा लागू कर दिया। एस्मा लागू होते ही सभी फार्मासिस्ट हड़ताल खत्म कर काम पर लौट गए।

फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय नेता डॉ. जगदीश पाल तेवतिया ने कहा कि एस्मा लागू होने के कारण उनकी हड़ताल स्थगित कर दी गई है। नियमानुसार एस्मा लागू होने के दौरान हड़ताल नहीं की जा सकती है।
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