औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव मुंडी बकापुर निवासी प्रसूता की नगर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान शुक्रवार सुबह मौत हो गई। मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर विवाहिता को प्रताड़ित करने और उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। विवाहिता की मौत के बाद ससुराल पक्ष के लोग अस्पताल से फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मायके पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गांव लखावटी निवासी दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने अपनी बेटी साक्षी की शादी औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव मुंडी बकापुर निवासी युवक से की थी। आरोप है कि साक्षी का पति शराब पीने का आदी है। पति और ससुराल पक्ष के लोग आए दिन साक्षी को प्रताड़ित करते थे। करीब दो माह पहले गर्भवती होने के बावजूद ससुरालियों ने साक्षी को कमरे में बंद कर मारपीट की थी। बाद में परेशान नहीं करने का आश्वासन दिया था। आपसी सहमति से समझौता होने के बाद उन्होंने पुलिस कार्रवाई नहीं की थी। बताया कि तीन दिन पहले साक्षी की अचानक तबीयत खराब हो गई। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे उपचार के लिए एक अपंजीकृत अस्पताल में भर्ती कराया।
वहां ऑपरेशन के बाद साक्षी ने बेटी को जन्म दिया। आरोप है कि उचित उपचार नहीं मिलने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। जानकारी मिलने पर वह अस्पताल पहुंचे और बृहस्पतिवार को साक्षी को गंभीर हालत में नगर के राना अस्पताल में भर्ती कराया। जहां शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान साक्षी की मौत हो गई। आरोप है कि साक्षी की मौत के बाद ससुराल पक्ष के लोग अस्पताल से फरार हो गए। साक्षी की मौत की सूचना से मायके में मातम छा गया। परिजन शव को गांव ले गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि साक्षी की यह दूसरी संतान थी। उसका एक बेटा भी है।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी मामले में तहरीर नहीं मिली है। पुलिस जांच कर रही है। जांच में प्रकाश में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक प्रताप अजेय, एसपी सिटी