गुलावठी में पहुंचे बार काउंसिल के चेयरमैन शिवकिशोर गौड़। संवाद
गुलावठी। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चेयरमैन शिव किशोर गौड़ ने कहा कि वह बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष के रूप में अधिवक्ताओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। अधिवक्ता अधिनियम को गंभीरता से लागू कराना उनकी प्राथमिकता है। वह अधिवक्ताओं के सम्मान के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। शिव किशोर बुधवार को मोहल्ला रामनगर करनपुरी में अधिवक्ता हरित शर्मा के आवास पर आए थे। यहां पर अधिवक्ताओं ने बुके देकर उनका स्वागत किया।
बार अध्यक्ष ने कहा कि पहले 60 वर्ष तक की आयु के दौरान मृत्यु पर पांच लाख रुपये मिला करते थे, जिसकी आयु सीमा को बढ़ाकर 70 वर्ष कर दिया गया है। पहले मेडिकल क्लेम की धनराशि मात्र 10 हज़ार रुपये मिला करती थी, जिसको बढ़ाकर उन्होंने 25 हजार रुपये कराया है।
इसके अलावा डेथ क्लेम में 70 वर्ष से अधिक आयु पर मात्र डेढ़ लाख रुपए मिला करते थे, जिसको बढ़ाकर तीन लाख किया गया। न्यासी समिति में अधिवक्ता पांच हजार रुपये जमा करते थे, जिन्हें बाद में डेढ़ लाख रुपये मिलते थे। अब उसको पांच लाख रुपए मिलेंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैच की मांग पर उन्होंने कहा कि यह मांग पिछले 40 वर्षों से चल रही है और इसकी जरूरत भी है। इस अवसर पर पूर्व एडीजीसी नवनीत कुमार शर्मा, जगतपाल सिंह, मुकेश शर्मा, तरीकत सोलंकी, सीमा साईं, जुल्फिकार, विजय सिंह, पद्माक्षी कौशिक, संजीव कौशिक व राजीव सैनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।