मोहल्ला पक्काबाग निवासी टेकचंद ने बताया कि उनकी 10 वर्षीय पुत्री ईशा शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे दुकान से सामान लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान पड़ोसी संजय के मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। छज्जे का मलबा उनकी पुत्री के ऊपर गिरने से वह मलबे में दब गई। जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई। छज्जा गिरने और बेटी की चीख सुनकर लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने मलबा हटाकर उनकी बेटी को बाहर निकाला।
मलबे नीचे दबने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। शोर सुनकर वह भी मौके पर पहुंचे और बेटी को उपचार के लिए नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी बेटी के पैर की हड्डी टूट गई थी सिर में भी गंभीर चोट आई थी। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। जिसके बाद उन्होंने बेटी को उपचार के लिए नोएडा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
टेकचंद ने बताया कि उपचार के दौरान नोएडा के अस्पताल में उनकी बेटी की मौत हो गई। बेटी की मौत से परिवार में मातम छा गया। बताया कि उनके दो बेटों, दो बेटियों में ईशा दूसरे नंबर पर थी। वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनकी पत्नी भी खेतों में कार्य करती है। परिजनों का कहना कि जिस मकान का छज्जा गिरा है। वह जर्जर हालत में है। जिसके कारण हादसा हुआ। सीओ दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
अनूपशहर में छज्जे के मलबे में दबने से चचेर भाई, बहन की हो गई थी मौत
तीन दिन पहले अनूपशहर क्षेत्र के गांव तोरई में छज्जे के मलबे के नीचे दबने से चचेरे भाई, बहन की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार की शाम गांव तोरई में जर्जर मकान का छज्जा अचानक गिरने से उसके मलबे में दबने से दीपांशु (14वर्ष) और उसकी चचेरी बहन रितिका (11वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों ने दोनों को उपचार के लिए सीएचसी अनूपशहर में भर्ती कराया था। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।