अफसर अपने गोद लिए गांवों में छह माह से रुख तक नहीं किया है। इन गांवों को राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत अफसरों की सरपरस्ती में दिया गया था। जिले के जिन गांवों में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की संख्या अधिक है, उन गांवों को अफसरों ने गोद लिया था, ताकि कुपोषण की इस स्याह तस्वीर को सुधार जा सके। लेकिन इन गांवों का रुख तक नहीं किया।
45 अधिकारी तो ऐसे हैं, जो छह माह में एक बार भी इन गांवों में नहीं गए हैं। बता दें राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत अफसरों को गांव गोद लेकर कुपोषण का खात्मा करना था। योजनाओं को भी घर घर पहुंचाने की जिम्मेदारी अफसरों की थी। लेकिन अफसरों ने ऐसा करने की जहमत नहीं उठाई। नतीजतन ग्रामीणों में अफसरों के प्रति गुस्सा है। इन गांवों में कुपोषण का ग्राफ बढ़ने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
45 अफसरों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ये अफसर गोद लिए गांवोें में काफी समय से नहीं गए थे। नोटिस के बाद अफसरों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- आंजनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी, बुलंदशहर