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रंगों से गुलजार हुआ बाजार, खरीदारी के लिए उमड़े लोग

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नगर में होली से पूर्व सजी रंग और गुलाल की दुकान पर खरीदारी करते बच्चे। - फोटो : BULANDSHAHR
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रंगों से गुलजार हुआ बाजार, खरीदारी के लिए उमड़े लोग
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बुलंदशहर। जिले में होली का खुमार चढ़ने लगा है। नगर समेत जनपद के बाजारों में रंग-बिरंगी पिचकारियों और रंग-गुलाल की दुकानें सज गई हैं। बच्चों को स्पाइडर मैन, पेप्सीगन, सुपरमैन, बैटमैन आदि पिचकारियां पसंद आ रही हैं। हर्बल गुलाल के साथ बच्चों को गुलाल भरी पिचकारी भी पसंद आ रही हैं।
रंगों के त्योहार होली में अब तीन दिन शेष हैं। 29 मार्च को होली मनाई जाएगी। लोग त्योहार को उल्लास से मनाने के लिए तैयारियाें में जुट गए हैं। लोगों की चहल-पहल से बाजार गुलजार हो गए हैं। नगर समेत जनपदभर की दुकानें रंगों और पिचकारियों से सज गई हैं। रंग विक्रेताओं के अनुसार वैसे तो सभी प्रकार की पिचकारियां बिक रही हैं, लेकिन बच्चों को गुलाल भरी पिचकारी के साथ कार्टून वाली पिचकारी पसंद आ रही है। इस बार लोग हर्बल रंग ज्यादा खरीद रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग में अलर्ट
बुलंदशहर। होलिका दहन और होली के त्योहार को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। सीएमओ ने 30 मार्च तक इमरजेंसी चिकित्सकों और स्टाफ का अवकाश रद्द कर दिया है। कोई भी अस्पताल प्रभारी बिना सीएमओ की अनुमति के अस्पताल परिसर नहीं छोड़ेगा। यदि होली तक ड्यूटी पर तैनात कोई भी चिकित्सक या कर्मी नदारद मिलेगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इमरजेंसी वार्ड को भी पूरी तरह से तैयार रहने का निर्देश है। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि होली पर जिले के सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिया गया है। अगर कोई चिकित्सक अनुपस्थित रहता भी है तो वह ऑन कॉल बुला लिया जाएगा। होली के दिन इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह सुचारु रहेंगी। संवाद
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होलिका दहन और शब-ए-बरात पहली बार एक साथ
बुलंदशहर। रंगों का त्योहार होली रंगभरी एकादशी से शुरू हो गया। 28 मार्च को होलिका दहन होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार होलिका दहन अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। वहीं, शब-ए-बरात मुस्लिम समुदाय का महत्वपूर्ण त्योहार है। इसके पंद्रह दिन बाद रमजान शुरू होता है। शब-ए-बरात पर मुस्लिम समुदाय के लोग कब्रिस्तानों में जाकर गुनाहों को माफ करने की दुआ करते हैं। पंडित शिवदत्त शास्त्री ने बताया कि 28 मार्च की रात हिंदू समुदाय के लोग होलिका दहन करेंगे और मुस्लिम समुदाय के लोग शब-ए-बरात का त्योहार मनाएंगे। सभी अपनी-अपनी परंपराओं का आपसी सौहार्द के साथ निर्वहन करेंगे। कारी मशकूर आलम ने बताया कि शब-ए-बरात अपने पुरखों को याद करने का खास त्योहार है। इस बार ये त्योहार 28 मार्च को है। दोनों ही समुदाय के लोग आपसी सौहार्द के साथ त्योहार मनाएंगे। संवाद
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