बुलंदशहर-जेवर हाईवे बुलंदशहर को जेवर, नोएडा से जोड़ने के साथ-साथ ताज एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ता है। इस कारण हाईवे पर वाहनों का काफी दबाव रहता है। किसानों द्वारा हाइवे जाम करने पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। जाम के हालात से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन को रूट डायवर्ट करना पड़ा।
पुलिस ने बुलंदशहर की ओर से हाईवे पर आने-जाने वाले वाहनों को चोला चौकी, चोला स्टेशन से डायवर्ट किया। वहीं बहुत से वाहनों को ककोड़ तिराहे से डायवर्ट कर सिकंदराबाद से निकाला गया। उधर, जेवर की ओर से आने वाले वाहनों को आकलपुर गांव से डायवर्ट कर निकाला गया।
वहीं दोपहर तीन बजे प्रशासन से वार्ता के बाद नौ घंटे बाद जाम खुलने से जाम में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली और पुलिस ने जाम में फंसे वाहनों को निकलवाया। काफी देर तक रोड पर वाहनों की कतार लगी रही। पुलिस को यातायात नियंत्रित करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
बुलंदशहर-जेवर स्टेट हाईवे पर जाम लगने के कारण आसपास के ग्रामीणों को काफी परेशानी हुई। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किमी तक पैदल चलना पड़ा। बता दें कि बुलंदश्हर-जेवर हाईवे पर ग्राम झाझर, नगला केसरी, महमदपुर, मियाना, कपना, आकलपुर, आखेपुर, चादपुर, दस्तूरा, भौपतपुर, खडूपुरा, भगवानपुर, धनौरा, चांगोली, शेरपुर, आदि गांव पड़ते है।
सभी गांवों से काफी संख्या में लोग दैनिक कामों, नौकरी के लिए बुलंदशहर, सिकंदराबाद जाते है। जाम लगने के कारण वाहनों के बंद होने से सभी गांवों के लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। वही जाम लगा रहे लोगों ने बाइक सवारों को आसानी से नहीं निकलने दिया।
लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। भीषण गर्मी लोग सरो पर सामान रखकर पैदल मार्च करते नजर आए। पैदल मार्च करने के दौरान बच्चों की हालत खराब हो गई। सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक जाम के कारण लोग हलकान रहे। जाम खुलने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली। जाम तो हटा लिया गया लेकिन देर रात तक किसान धरने पर बैठे रहे।