यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का रिजल्ट रविवार को घोषित होगा। ऐसे में 82 हजार छात्रा-छात्राओं के साथ ही उनके पैरेंट्स की टेंशन बढ़ गई है। कहीं स्टूडेंट्स पास होने के लिए मंदिर-मस्जिदों में प्रार्थना कर रहे हैं तो कहीं पैरेंट्स उनके अच्छे रिजल्ट के लिए दुआएं मांग रहे हैं।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे समय में स्टूडेंट्स और पैरेंट्स दोनों ही ‘कूल’ रहें और जो भी रिजल्ट हो उसे स्वीकार करें। हाईस्कूल और इंटर के रिजल्ट को लेकर छात्राओं में उत्साह है क्योंकि बीते साल छात्राओं का बेहतर प्रदर्शन रहा है। यही वजह है कि इस बार भी छात्राएं अच्छे नंबरों से पास होने का दावा कर रही हैं।
इस बार हाईस्कूल में 48 हजार और इंटरमीडिएट में 34 हजार छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। रिजल्ट घोषित होने का समय नजदीक आते ही इन छात्र-छात्राओं की टेंशन बढ़ गई है, क्योंकि पास होने के साथ ही इन पर अच्छे नंबर लाने का भी दबाव है।
होनहार विद्यार्थियों को तो पास होने का पूरा यकीन है लेकिन कमजोर छात्र-छात्राओं की टेंशन बढ़ती जा रही है। फेल होने पर अभिभावकों की डांट और आसपास के लोगों का बर्ताव स्टूडेंट्स को ज्यादा परेशान करता है।
कई बार ऐसा होता है कि मां-बाप बच्चे की स्थिति को न समझते हुए उसके साथ गलत व्यवहार करने लगते हैं, ऐसे में आहत होकर स्टूडेंट आत्महत्या जैसे कदम उठा लेता है। रिकार्ड के मुताबिक सबसे ज्यादा आत्महत्याएं रिजल्ट घोषित होने से पहले या उसके बाद होती हैं।