चंदेरू गांव निवासी युवक ने झूठे केस में फंसाकर चौकी इंचार्ज पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने रिश्वत लेते समय दरोगा की वीडियो क्लिप बना ली। चौकी प्रभारी का वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
चंदेरू गांव निवासी असलम ने बताया कि उनके मकान में बीएसएनएल का टावर लगा हुआ है। टावर की आमदनी को लेकर बुधवार को बुलंदशहर में बीएसएनएल कार्यालय में भाई अकरम से विवाद हो गया था।
असलम ने बताया कि गांव के शादाब, अकरम आैर उसके ससुर अब्दुल रऊफ ने उसके साथ मारपीट की और उसकी कनपटी पर पिस्टल तान दी थी। मामले की शिकायत उसने कोतवाली नगर में की थी।
असलम ने बताया कि शादाब और अकरम ने चौकी प्रभारी तफसील अहमद ने मिलकर उसके व गांव के अन्य लोगों के खिलाफ कोतवाली सिकंदराबाद में मारपीट, जान से मारने की कोशिश की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
असलम का आरोप है कि चौकी प्रभारी तफसील अहमद ने पहले उसे झूठे केस में फंसाया फिर मामला रफादफा करने के लिए 20 हजार रुपसे मांगे। उसने चौकी प्रभारी को बतौर रिश्वत 14 हजार रुपये दिए।
उसके बाद भी चौकी प्रभारी ने उसके और ग्राम प्रधान शमीम समेत अन्य सात लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश की रिपोर्ट दर्ज करा दी। एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए तफसील अहमद को सस्पेंड कर दिया है। असलम ने बताया कि रिश्वत लेते समय उसने मोबाइल से दरोगा की वीडियो क्लिप बना ली थी।