बुलंदशहर। हेपेटाइटिस बी और सी की जांच के लिए मरीज पिछले 15 दिन से भटक रहे हैं। जिला चिकित्सालय में जांच किट उपलब्ध नहीं है। अधिकारियों ने किट के लिए ऑर्डर भेजा है, पर अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। किट की कमी के कारण 15 अगस्त से पूर्व मरीजों का सैंपल लेना बंद कर दिया गया था।
जिला चिकित्सालय के नेत्र विभाग के प्रथम तल पर हेपेटाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर कर्मचारियों से खाली रहता है। बुधवार को भी 20 से अधिक मरीज बिना जांच कराए लौट गए। प्रतिदिन 20 से 40 हेपेटाइटिस बी व सी के लक्षण वाले मरीज यहां पहुंचते हैं।
बिजेंद्र कुमार ने बताया कि उनके भतीजे की जांच निजी लैब पर महंगी हो रही है। करन ने कहा कि वे 15 दिन से जांच के लिए चक्कर लगा रहे हैं। मरीजों को बार-बार एक सप्ताह बाद आने को कहकर वापस भेज दिया जाता है। किट कब आएगी, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल रही है।
निजी पैथोलॉजी लैब पर हेपेटाइटिस जांच के लिए मरीजों को एक हजार रुपये से अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। किट न मिलने पर कुछ मरीजों ने निजी लैब से जांच कराई है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर वे दवा लेने के लिए केंद्र पहुंच रहे हैं।
सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे का कहना है कि हेपेटाइटिस की किट के लिए डिमांड पत्र भेजा जा चुका है। एक-दो दिन में किट मुख्यालय पर प्राप्त हो जाएगी। इसके बाद जांच की सुविधा शुरू करवा दी जाएगी।