बुखार का कहर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। गांव के गांव बुखार की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां अभी शुरू भी नहीं हुई हैं। बुखार को लेकर न तो कोई टीम अभी तक गठित हो सकी है और न ही कोई हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में कोई इंतजाम नहीं है।
पिछले वर्ष बुखार ने जनपद में जमकर कोहराम मचाया था। जनपद में बुखार से 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। बुखार से हुई इतनी मौतों के बाद लखनऊ तक हड़कंप मच गया था। जिले के स्वास्थ्य मुखिया की नींद भी तब खुली थी, जब लखनऊ से शासन स्तर से भेजी गई टीम ने जिले के बुखारग्रस्त गांवों में डेरा डाला था। शासन स्तर से टीमें जनपद भेजी गई थीं। इस वर्ष भी बुखार से दो मौतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के मुखिया इसी प्रकार नींद में हैं।
जल्द ही टीमें गठित कर दी जाएंगी। कहीं भी बुखार की सूचना पर टीमों को भेजा जाएगा। सभी अस्पताल प्रभारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। बुखार पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।-डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ