भारी बारिश ने मंगलवार को शहर को जाम कर दिया। जगह जगह जलभराव और नाले से निकले कीचड़ ने जाम को विकराल रूप दे दिया। बारिश से कलक्ट्रेट के गेट पर बारिश का पानी जमा हो गया।
आसपास के स्कूलों में भी पानी घुस गया। देखते ही देखते कालाआम पर तक जाम की गिरफ्त में आ गया। उसके बाद शहर की आसपास के लिंक मार्ग पर भी वाहन फंस गए।
ट्रैफिक पुलिस और सामान्य पुलिस चुनाव ड्यूटी में व्यस्त रहे और शहर चार बजेत क जाम से जूझता रहा। राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंगलवार करीब एक बजे कलक्ट्रेट के पास घुटनों तक जलभराव हो गया। इससे लल्लाबाबू, चांदपुर और कालाआम की ओर आने वाले वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
जाम यहां तक ही सीमित नहीं रहा करीब डेढ़ बजे देखते ही देखते कालाआम के चारों ओर गुजरने वाले मार्ग अस्पताल रोड, डीएम रोड, काली नदी रोड और भूड़ रोड पर भी वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लग गई।
जाम में स्कूली वाहन फंस गए। स्थिति यह बन गई कि राहगीरों को भी निकलने के लिए रास्ता नहीं मिल पाया। कालाआम पर जाम लगने का असर शहर के अन्य हिस्सों में पड़ा।
इसके चलते अंसारी रोड, डिप्टी गंज, काली नदी रोड, बस अड्डा, लल्लाबाबू चौराहा और डीएवी तिराहा सहित अन्य स्थानों पर भी जाम की स्थिति बनी रही।
जाम में फंसे दो पहिया वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि बरसात से वह पूरी तरह तर-बतर हो गए। करीब तीन घंटे बाद चार बजे जाकर वाहन चालकों और आम जनता को राहत मिल पाई।
पुलिस चुनावी ड्यूटी पर बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था
दूसरे चरण के होने वाले मतदान में पुलिसकर्मियों के ड्यूटी लगे होने का असर नगर की ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ा। मंगलवार को नगर में दिन भर जाम लगा रहा।
जाम से निजात पाने के लिए जाम में फंसे वाहन चालक, स्थानीय नागरिक जाम खुलवाने के लिए दिन भर मशक्कत करते रहे।
शाम को पुलिसकर्मियों ने चुनावी ड्यूटी से लौटकर ट्रैफिक की कमान संभाली तब कहीं जाकर लोगों को जाम से राहत मिली।
नगर के दनकौर तिराहे पर वाहनों का जाल सा बन गया। हाइवे पर जाम लगने के कारण दनकौर रोड, खुर्जा रोड पर भी पूरी तरह जाम लग गया।
भीषण जाम ने वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। लोग घंटो जाम में फंसे रहे। जाम बेकाबू होने पर चालकों, नागरिकों ने खुद ही ट्रैफिक की कमान संभाली।
स्कूल में फंसे बच्चे बेंच के पुल से निकले
मूसलाधार बरिश के चलते लीलावती कांवेंट सकूल में पानी भर गया। सैकड़ों बच्चे क्लास रूम में कैद होकर रह गए। काफी देर बाद बच्चों ने स्कूल स्टाफ के साथ फर्नीचर (बेंचों) का पुल बनाकर स्कूल से बाहर निकलने का रास्ता बनाया।
इसी के साथ स्कूली वाहन जाम में फंस गए। बच्चे भीगते हुए घर पहुंचे। इसी तरह सरकारी दफ्तरों और शहर के निचले क्षेत्र वाली कालोनी के घरों में भी भर गया।