इसे जिले की लचर कानून व्यवस्था ही कहेंगे कि सरकारी डॉक्टर सुरक्षा कारणों से अनूपशहर सरकारी अस्पताल में ठहरने को तैयार नहीं हैं। इसकी कीमत अब मरीज चुका रहे हैं। चिकित्सकों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए डीएम से अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
24 मई को डीएम डा. रोशन जैकब और एसएसपी मुनिराज जी. ने अनूपशहर और तौली स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था। अनूपशहर अस्पताल से चिकित्सकों के ड्यूटी से गायब रहने की खबर लगातार डीएम को मिल रही थी।
डीएम के निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में चोरी की घटनाआें की जानकारी मिली। अनूपशहर अस्पताल मेें चिकित्सा अधिकारी के बच्चे का कत्ल होने की बाबत डीएम को बताया गया। वर्तमान चिकित्सा प्रभारी के घर में हाल ही में चोरी हो चुकी है।
इन तमाम वारदात को लेकर चिकित्सीय स्टाफ में भय का माहौल है। चिकित्सकों ने बताया कि सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि स्वास्थ्य सेवाआें पर बुरा असर न हो। डीएम ने एसएसपी से कहा है कि मामला गंभीर है।
चिकित्सकों की जुड़ी आपराधिक घटनाआें की संजीदगी से मानिटरिंग की जाए। अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था का दायरा बढ़ाया जाए।