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Bulandshahar News: फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई... दरिंदों को दी जाए फांसी की सजा

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सिकंदराबाद। थाना क्षेत्र में छह वर्षीय मासूम के साथ हुई दरिंदगी और निर्मम हत्या ने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की रूह कंपा दी। इस जघन्य अपराध के बाद गांव की गलियों में सन्नाटा है और हर ग्रामीण की आंखों में नमी के साथ-साथ आरोपियों के प्रति भारी आक्रोश है। गांव में लोग अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर दरिंदों को फांसी की सजा दी जाए।
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ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव की छवि क्षेत्र में हमेशा से एक शांत और मर्यादित समाज की रही। आज तक गांव के इतिहास में ऐसा खौफनाक और अमानवीय कृत्य कभी नहीं हुआ। वारदात को बाहरी लोगों ने अंजाम दिया है, इसके बाद भी घटनास्थल गांव में होने के कारण हर ग्रामीण आहत महसूस कर रहा है। बुजुर्गों ने कहा, यह वारदात हमारे गांव के माथे पर कलंक बन गई है। ऐसी दरिंदगी ने हमारी सामाजिक मर्यादा को तार-तार कर दिया है। वारदात की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गांव का हर संवेदनशील दिल गहरे जख्मों से भरा है। ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की है कि दोषियों को कम से कम समय में फांसी की सजा दिलाई जाए। ग्रामीणों के अनुसार ऐसी घिनौनी हरकत करने वाले समाज में रहने लायक नहीं हैं। फांसी की सजा ही भविष्य में ऐसे अपराधियों के मन में खौफ पैदा करेगी।
अब पुलिस सत्यापन होगा अनिवार्य
इस घटना ने गांव में सुरक्षा और बाहरी लोगों के निवास को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से बाहरी मजदूर किराए पर रहते आए हैं लेकिन पहले कभी ऐसी असुरक्षा महसूस नहीं हुई। अब ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि गांव में रहने वाले हर बाहरी मजदूर और किराएदार का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। पंचायत और ग्रामीण स्तर पर एक निगरानी समिति बनाई जाएगी जो अजनबियों की गतिविधियों पर नजर रखेगी। संदिग्ध आचरण वाले लोगों की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाएगी।
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