खंड शिक्षा अधिकारी ने शनिवार को गुलावठी ब्लॉक के दो परिषदीय स्कूलों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक हेडमास्टर अनुपस्थित शिक्षिका की फर्जी हाजिरी लगाते रंगे हाथ पकड़ी गई।
वहीं दूसरे स्कूल में भी तमाम खामियां मिलीं। खंड शिक्षा अधिकारी ने दोनों हेडमास्टरों के निलंबन और अनुपस्थित शिक्षिका का वेतन काटने की संस्तुति की है।
खंड शिक्षा अधिकारी केएल वर्मा ने पहले गुलावठी ब्लॉक में महावतपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। खंड शिक्षा अधिकारी के स्कूल पहुंचते ही आराम फरमा रहे स्टाफ में हड़कंप मंच गया।
बजट के बाद भी स्कूल में रंगाई पुताई नहीं करवाई गई थी। बच्चों को मिड डे मील में पिछले हफ्ते से लगातार चावल परोसा जा रहा था। स्कूल में एमडीएम के लिए चार्ट लेखन भी नहीं करवाया गया था।
इसके बाद एबीएसए समकौला गांव के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां एबीएसए ने प्रधान अध्यापिका आशा किरण को हाजिरी रजिस्टर में हेराफेरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
प्रधान अध्यापिका अनुपस्थित शिक्षिका अर्चना कश्यप की हाजिरी लगा रही थी। इसी दौरान एबीएसए ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
एबीसीडी तक नहीं जानते पांचवीं के बच्चे
दोनों स्कूलों में शिक्षा का स्तर भी बेहद खराब मिला। एबीएसए ने कुछ बच्चों से कोर्स से संबंधित सवाल पूछे लेकिन बच्चे उनका जवाब नहीं दे पाए। यहां तक कि बच्चे एबीसीडी भी ठीक से नहीं सुना पाए।
प्रधानाचार्य देंगे अदालतों
में चल रहे केसों का ब्योरा
माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन प्रधानाचार्यों को अब अदालतों में विचाराधीन केसों की जानकारी देनी होगी। इस साल के अंत तक प्रधानाचार्यों ने ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया तो उनका दिसंबर माह का वेतन रोक लिया जाएगा।
डीआईओएस रामाज्ञा कुमार के अनुसार शासन और विभाग की मंशा है कि विद्यालयों से संबंधित जितने भी केस चल रहे हैं, उनकी जानकारी विभाग के पास होनी चाहिए।
प्रधानाचार्यों से संबंधित जानकारी लेकर यह पता किया जाए कि कितने मामले अदालतों में चल रहे है। यह भी देखा जाए कि कितने केस आपसी सुलह से निपटाए जा सके।
डीआईओएस के अनुसार समस्त प्रधानाचार्यों को शासनादेश से अवगत करा दिया गया है। यदि इस साल के अंत तक किसी प्रधानाचार्य ने ब्योरा नहीं दिया तो उसका दिसंबर माह का वेतन रोक लिया जाएगा।