शोभायात्रा को लेकर आयोजको से बात करते पुलिस अधिकारी।
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जन्माष्टमी पर बृहस्पतिवार देर शाम नगर में निकाली जाने वाली शोभायात्रा को लेकर पूरे दिन सस्पेंस की स्थिति बनी रही। पहले अनुमति देने के बाद एसडीएम ने नई परंपरा का हवाला देकर मंजूरी निरस्त कर दी। ऐसे में आयोजक मंजूरी के लिए दिनभर डीएम और एसएसपी कार्यालय के चक्कर लगाते रहे।
बाद में आयोजकों ने अनुमति मिलने का दावा किया और रात नौ बजे शोभायात्रा निकाली गई। श्री बांके बिहारी सेवा मंडल की ओर से जन्माष्टमी पर्व पर बृहस्पतिवार को भव्य शोभा यात्रा निकालने की योजना तैयार की गई। इसके लिए आयोजक मंडल ने एसडीएम से अनुमति भी ले ली।
परंपरागत शोभायात्रा न होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से एसडीएम ने बाद में अनुमति रद्द कर दी। बृहस्पतिवार को जब आयोजक मंडल तैयारियों में जुटा हुआ था उसी समय नगर कोतवाली पुलिस ने अनुमति न होने का हवाला देते हुए शोभायात्रा न निकालने की चेतावनी दी।
इस बात से आयोजक मंडल में खलबली मच गई। सेवा मंडल के पदाधिकारी अनुमति की मांग को लेकर बुलंदशहर डीएम से मिलने पहुंच गए। उन्होंने डीएम से यात्रा निकालने के लिए अनुमति मिलने का दावा किया।
प्रधान भगवानदास सिंघल ने बताया कि शोभायात्रा के लिए उन्हें डीएम से अनुमति मिल गई है। इसके बाद रात नौ बजे धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई जिसका जगह-जगह स्वागत किया गया।
शोभा यात्रा के लिए उनकी तरफ से कोई अनुमति नहीं है। डीएम से मिली अनुमति के बारे में जानकारी नहीं है। - इंदुप्रकाश सिंह,एसडीएम
सेवा मंडल के लोगों ने उच्चाधिकारियों से बात कर अपनी रिस्क पर शोभा यात्रा निकालने की बात कही है। -धनंजय मिश्रा,कोतवाली प्रभारी