‘खेती की जमीन अपने 10-15 बड़े उद्योगपतियों को दिलाकर मोदी जी किसानों से मजदूरी करवाएंगे।’ बुलंदशहर में सर्जिकल स्ट्राइक पर मोदी की तारीफ करने के आधे घंटे बाद ही कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने खुर्जा में खाट पंचायत के दौरान प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
पॉटरी नगरी स्थित पैंठ मैदान में हुई खाट पंचायत में राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि किसान खेती छोड़कर गुजरात, महाराष्ट्र जेसे प्रदेशों में जाकर मजदूरी करें। पिछले ढाई साल में नरेंद्र मोदी ने उद्योगपतियों का एक लाख 10 हजार करोड़ रुपये का कर्जा माफ कर दिया। ऐसा उन्होंने इसलिए किया, क्योंकि चुनाव में उद्योगपतियों ने मोदी जी की मदद की थी।
सभा में ही अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने किसान परिवार की एक महिला से पूछा कि क्या आपने चुनाव में मोदी जी को पैसा दिया था। ‘नहीं’ में जवाब मिलने पर राहुल गांधी ने कहा कि इसीलिए मोदी जी आप की मदद नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने खाट पंचायत में लोगों से पूछा कि उनके बैंक एकाउंट में 15 लाख रुपये आए कि नहीं? किसान और गरीब परिवार के बच्चों को रोजगार मिला कि नहीं? सबका जवाब ‘नहीं’ मिलने पर राहुल ने प्रधानमंत्री को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार जमीनों के मामले में होते हैं। भ्रष्टाचार मुक्त का वादा करने वाली मोदी सरकार में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है।
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने मजदूरों को मिलने वाला मनरेगा का पैसा बंद कर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि मायावती की सरकार में किसानों की जमीन को उनसे बिना पूछे छीन लिया जाता था, लेकिन केंद्र में जब उनकी सरकार आई तो कानून बनाया गया कि बिना किसानों की इजाजत के उनकी जमीन कोई नहीं ले सकता।
गन्ना किसानों द्वारा समस्या रखने पर राहुल गांधी ने कहा कि वह किसानों पर अन्याय नहीं होने देंगे। संसद में गन्ना किसानों की समस्या उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार आएगी तो गन्ना किसानों का बकाया समय से मिलेगा।
खाट पंचायत का संचालन वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ठा. धीरेन्द्र सिंह ने किया। इसके अलावा मंच पर दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित सुर्खियों में रहने वाले सहारनपुर के पूर्व विधायक इमरान मसूद, क्षेत्रीय विधायक बंशी सिंह पहाड़िया, संजय सिंह, जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, ठा. हरेन्द्र सिंह,कृष्ण मोहन सिंह, नरेन्द्र त्यागी, अमानतुल्ला खान, संजीव पहाड़िया, मनोज पंडित, सुदेश शर्मा, राधाकृष्ण बजाज, सुहेल, रामकुमार, रामू, राजकुमार पहाड़िया आदि रहे।