‘आओ साथ चलें’, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ थीम पर रविवार को हुई हॉफ मैराथन में प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ उत्तराखंड व दिल्ली से करीब तीन हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। परदादा-परदादी एजुकेशनल सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित इस तीसरी हॉफ मैराथन का शुभारंभ कारगिल युद्ध एक पैर गवां चुके लिम्का बुक रिकार्ड होल्डर मेजर डीपी सिंह ने किया।
तीसरी हॉफ मैराथन दौड़ में दस किलोमीटर व इक्कीस किलोमीटर के वर्ग में कुछ धावकों के बाइकों का सहारा लेने तथा शार्ट कट का प्रयोग किये जाने की जानकारी मिलने के बाद आयोजकों ने विजेताओं के नाम घोषित नहीं किए।
पांच किमी, 10 किमी तथा 21 किमी तीन वर्गों की हुई इस दौड़ को जेपी अस्पताल, ब्लेकबैरी, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, कोका कोला, डन एंउ ब्रेडस्ट्रीट आदि संस्थाओं ने सपोर्ट किया। इवेंट आयोजक वीेरेंद्र सैम नेे बताया कि तीन साल से पहले तक इस प्रकार के आयोजन बड़े शहरों में ही होते थे लेकिन अब ग्रामीण अंचल होने के बाद भी अनूपशहर ने इस कामयाबी को हासिल किया।
राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम के सदस्य रहे खुशविंदर सरना, रि.मेजर जनरल जीके चोपड़ा, वीरेंद्र सैम भी मौजूद रहे। रेणुका गुप्ता, इंदूसिंह, अतुलसिंह, लोकेंद्र सिंह, गुग्गीबाबू, केके शर्मा, अनिल राजपूत, अंकुर गर्ग, उपेंद्र राणा, मनीष प्रसाद, कोच रविंद्र, जितेंद्र आदि ने दोड़ के आयोजन में सराहनीय सहयोग किया।
लचर रहे पुलिस इंतजाम
हॉफ मैराथन दौड़ जैसे बड़े इवेंट के आयोजन के बाबजूद लचर पुलिस इंतजाम के चलते दौड़ मार्ग पर वाहनों का आवागमन होता रहा जिससे धावकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अंबेडकर पार्क के समीप धावकों बंदरों के आतंक का सामना भी करना पड़ा।