किसानों ने महंगाई की मंशा से जमा किया गेहूं जीएसटी लागू होने के बाद मूल्य गिरावट के डर से बेचना शुरू कर दिया है। नतीजतन, क्रय केंद्रों पर एक बार फिर गेहूं की आवक बढ़ने लगी है।
पिछले सप्ताह केंद्रों पर सरकारी गेहूं खरीद 1000-1100 मीट्रिक टन पर सिमटने का क्रम शुरू हो गया था। अब गेहूं की आवक ने 1500 एमटी की फीगर को क्रास कर अफसरों को हैरत में डाल दिया है।
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जिले में 108 क्रय केंद्रों पर 98 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाना है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 72 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद लिया गया है। गत वर्ष 10 मई तक गेहूं की सरकारी खरीद बंद हो गई थी, लेकिन अबकी बार मौजूदा समय में औसतन 1500 से 1600 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा रहा है।
जिला विपणन अधिकारी अविनाश चंद ने क्रय केंद्रों से मिले इनपुट के आधार पर बताया कि एक जून से देशभर में जीएसटी लागू होना है। जीएसटी लागू होते ही गेहूं के दामों में गिरावट आ सकती है। इसलिए जिन किसानों ने ऊंचे रेट लेने की मंशा से गेहूं जमा कर लिया।