बुलंदशह। जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव लच्छोई में जिस घोड़े में ग्लैंडर फारसी के लक्षण होने की पुष्टि हुई, उसे सोमवार पशुपालन विभाग द्वारा मार दिया गया। विभाग ने डीएम से अनुमति लेकर घोड़े को जहीराला इंजेक्शन लगाकर मारा है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. आनंद कुमार सिंह ने बताया कि घोड़े को पूरी सुरक्षा के साथ मारा गया और दफना दिया गया है। यह बीमारी काफी खतरनाक है। घोड़े के मरने के बाद अब इस बीमारी का कोई खतरा नहीं है। संवाद