बुलंदशहर। एसओजी में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर एक कबाड़ी से रिश्वत लेकर छोड़ने का मामला सामने आया है। गिरफ्तार होने के बाद कबाड़ी ने रिश्वत देने का खुलासा किया। एसएसपी की प्रारंभिक जांच में मामला सही पाए जाने पर दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
नगर कोतवाली में पुरानी गऊशाला में खड़े नगर पालिका के वाहनों से बैटरी चोरी करने का एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि पकड़े गए एक आरोपी को एसओजी के सिपाही अमीर आलम और राहुल बालियान ने पहले पकड़ा था। इसके बाद कुछ रकम लेकर छोड़ दिया था। आरोपी ने बताया कि उसने चोरी का सामान व रकम दोनों दे दी थी। मामले की जब एसएसपी ने जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसएसपी ने एसओजी में तैनात दोनों पुलिसकर्मियों अमीर आलम और राहुल बालियान को निलंबित कर दिया। हालांकि दोनों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है।
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गुलावठी में तैनात तीन पुलिसकर्मी भी रिश्वत के मामले में निलंबित
गुलावठी थाने पर तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर भी रिश्वत लेकर एक आरोपी को लाभ देने का मामला सामने आया है। एसएसपी ने उन्हें भी निलंबित कर दिया है।
एसएसपी को शिकायत मिली थी कि गुलावठी थाने पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों ने चोरी के एक मामले में खेल किया है। बताया गया कि बीते दिनों गुलावठी थाना क्षेत्र से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी हुई थी। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया था। बदमाशों को भी पकड़ा था। आरोप था कि पुलिसकर्मियों ने लेनदेन कर एक आरोपी को छोड़ दिया, जबकि अन्य को जेल भेज दिया। एसएसपी ने गोपनीय रूप से मामले की जांच कराई तो आरोप सही पाया गया। इसके बाद उन्होंने सिपाही कुशल तेवतिया, मोहित मलिक और माइकल बैसला को निलंबित कर दिया।
खाकी का दामन होता रहा दागदार
- जनपद के बुगरासी कस्बा निवासी एक व्यक्ति की वर्ष 2020 में हत्या के मामले में मुख्य हत्यारोपी के पड़ोसी को फर्जी रूप से फंसाने की धमकी तत्कालीन चौकी प्रभारी ने दी थी। आरोप था कि पीड़ित से आरोपी पुलिसकर्मियों ने 40 हजार रुपये की मांग की। तत्कालीन एसएसपी ने जांच कराई तो उपनिरीक्षक ऋषिपाल सिंह, हेड कांस्टेबल प्रदीप बालियान और कांस्टेबल सरसाद खान दोषी पाए गए थे। जिन्हें एसएसपी ने निलंबित कर दिया था।
वर्ष 2019 में जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र निवासी कुछ लोगों ने तत्कालीन एसएसपी से जहांगीराबाद कोतवाली में तैनात एक उपनिरीक्षक पर दुष्कर्म के मामले में आरोपी का नाम निकालने के एवज में दो लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। लोगों ने एसएसपी को दरोगा की रिश्वत लेते हुए वीडियो भी दिखाया था। इसके बाद एसएसपी ने तत्काल दरोगा को निलंबित कर दिया था।
- जून 2018 में अरनिया थाना क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी व कैंटर चालक का वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें पशुओं से भरे कैंटर को छोड़ने के एवज में पुलिसकर्मी चालक से रुपये लेता नजर आ रहा था। मामला संज्ञान में आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया था।
एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा कि गुलावठी थाने के तीन और एसओजी में तैनात दो पुलिसकर्मियों को विभिन्न मामलों में दोषी पाए जाने पर निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ अग्रिम विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।