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गैस संकट : होटल, ढाबे और मिष्ठान भंडार पर बंदी की कगार पर

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बुलंदशहर। गैस की कमी के चलते होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और मिष्ठान संचालकों पर संकट आ गया है। इनका कहना है कि उनके पास सिर्फ दो दिन का ईंधन बचा है। इसलिए आर्डर लेने बंद कर दिए हैं। समस्या से निजात पाने के लिए वह दिल्ली व गाजियाबाद में डीजल व बिजली से संचालित भट्टी और चूल्हे खरीदने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
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ईरान-इस्राइल और अमेरिका युद्ध से पैदा हुए संकट से व्यापार प्रभावित हो रहा है। संकट से निपटने के लिए होटल, रेस्टोरेंट व ढाबा संचालक कोयला भट्टी तैयार कराकर व्यंजन पकाने की जुगत लगा रहे हैं। जबकि सड़कों के किनारे लगी फास्ट फूड दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। मिष्ठान भंडार के संचालक मनोज शर्मा ने बताया कि गैस का संकट गहराने लगा है। इस समय उनके पास दो दिन का ही ईंधन बचा है। ऐसे में अब उन्होंने आर्डर लेने बंद कर दिए और यदि दो दिन में कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं मिला तो कारोबार प्रभावित होगा। वह अब इस समस्या से निपटने के लिए कोयले व डीजल से चलने वाली भट्टी का इंतजाम करने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए दिल्ली व गाजियाबाद संपर्क किया है।
एक रेस्टोरेंट के मैनेजर चंदन सिंह ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर की कमी ने इस कदर परेशानी खड़ी कर दी है कि आर्डर पूरे नहीं कर पा रहे हैं। उनके पास दो दिन का ईंधन बचा है। इस समस्या से निपटने के लिए डीजल से संचालित होने वाली भट्टी खरीदने के लिए कर्मचारी को गाजियाबाद भेजा गया है। होटल संचालक सुरेंद्र और फास्ट फूड की दुकान चलाने वाले सुरेश का कहना है कि गैस नहीं मिलने के कारण उनका कारोबार बंद होने की कगार पर है। वह अब डीजल और इलेक्ट्रानिक से संचालित भट्टी और चूल्हे खरीदने के लिए तैयारी कर रहे हैं। इसी तरह का हाल जिले के कस्बों व अन्य स्थानों पर संचालित होटल, ढ़ाबा, रेस्टोरेंट और मिष्ठान संचालकों का है।
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खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ाने की तैयारी
इस संकट के पीछे एक बड़ी वजह व्यावसायिक क्षेत्र में घरेलू सिलिंडरों का अवैध उपयोग भी बताया जा रहा है। शहर के रेस्तरां, होटलों और फास्ट फूड कॉर्नरों में धड़ल्ले से घरेलू सिलिंडरों की खपत हो रही है। इस अवैध सेंधमारी ने आम घरेलू उपभोक्ताओं की परेशानी को दोगुना कर दिया है। इधर, खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़ाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। खासतौर पर समौसा, कचौड़ी, गोलगप्पे, भल्ले, चाऊमीन, स्ट्रीट पिज्जा, बर्गर, डोसा आदि के विक्रेता मुनेश और प्रदीप ने 5 से 10 रुपये बढ़ाने की बात कही है।
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