बुलंदशहर। बीबीनगर थाने के गैंगस्टर अमित उर्फ मुत्तू कसाई को अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम (विशेष न्यायाधीश) गैंगस्टर एक्ट चंद्रविजय श्रीनेत के न्यायालय ने गैंगस्टर मामले में दोषी करार दिया है। साथ ही उसे दो वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है।
आरोपी अमित उर्फ मुत्तु कसाई निवासी गांव सावली थाना सिकंदराबाद ने एक अवैध व अनुचित सक्रिय गैंग बना रखा था। इस गैंग में कुल छह सदस्य थे, जिनमें एक अमित उर्फ मुत्तु कसाई भी शामिल था। आरोपी मुत्तु कसाई अपने गैंग के साथ आर्थिक व भौतिक लाभ प्राप्त करने के लिए हत्या, लूट व जानलेवा हमला कर आर्थिक व भौतिक लाभ कमाता था।
इस गैंग के भय व आतंक के कारण जनता का कोई भी व्यक्ति स्वतंत्र रूप से मुकदमा लिखाने और गवाही देने को तैयार नहीं होता था। इस गैंग के किए जा रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए तत्कालीन थाना अध्यक्ष बीबीनगर ने उक्त गिरोह के खिलाफ 28 मई 2010 को गैंग चार्ट तैयार किया था। गैंग चार्ट के आधार पर दिनांक पांच जून 2010 को गिरोह बंद व समाज विरोधी क्रियाक्लाप अधिनियम (उत्तर प्रदेश) की धारा 2/3 के अंतर्गत आरोपी मुत्तू कसाई आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
इस अभियोग की विवेचना तत्कालीन थाना अध्यक्ष द्वारा करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम (विशेष न्यायाधीश) गैंगस्टर एक्ट चंद्रविजय श्रीनेत ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर आरोपी अमित उर्फ मुत्तु कसाई को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने अभियुक्त को दो साल की कैद और पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।