अनूपशहर में आरती स्थल से उतरा गंगा का जलस्तर, बना गाद-कीचड़। संवाद
अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा का जलस्तर घटने से खादर क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ किसानों ने राहत की सांस ली है। वहीं, अनूपशहर के घाटाें से पानी उतर गया, लेकिन गाद-कीचड़ बनने से परेशानी बरकरार है। एसडीएम अनूपशहर के अनुसार गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश व बिजनौर बैराज से छोड़े जा रहे पानी के चलते गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। जिससे गंगा किनारे दुकान लगाने वाले छोटे दुकानदारों तथा कथा व पूजापाठ कराने वाले पुरोहितों ने अपना सामान हटा लिया था। श्रद्धालुओं द्वारा भी जलमग्न सीढ़ियों पर स्नान किया जा रहा था। वहीं, पानी खादर से खेतों की ओर बढ़ रहा था। इसे देख किसानों को अपनी फसल की चिंता सताने लगी थी।
बुधवार सुबह गंगा के जलस्तर में दो फीट की गिरावट दर्ज की गई। इससे बबस्टर गंज में गंगा आरती प्लेटफार्म पर आया पानी गंगा में वापस चला गया। बाढ़ के साथ प्लेटफार्म पर आई मिट्टी गाद बन गई। इसके न हटने पर श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पालिकाध्यक्ष ब्रजेश गोयल ने बताया गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव के हालात बने हुए हैं। गाद को हटाने के लिए कर्मचारियों को निर्देशित कर दिया गया है। वहीं, एसडीएम प्रियंका गोयल का कहना है कि गंगा के जलस्तर में अप डाउन का क्रम चल रहा है। इससे फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
नरौरा बैराज के जल स्तर में आई गिरावटर
नरौर गंगा बैराज जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी के बाद गिरावट दर्ज की गई। बैराज पर गंगा नदी के जलस्तर में करीब 40 हजार क्यूसेक पानी की कमी दर्ज की गई है। मंगलवार बैराज पर पानी की कुल आवक एक लाख 36 हजार 694 क्यूसेक दर्ज।की गई थी। इसमें गिरावट के बाद अब बुधवार को आवक 96300 क्यूसेक रही। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 86603 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि बैराज से एलसीसी नगर में 7978 व पीएलजीसी 2501 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।