गंगा को निर्मल बनाए रखने के लिए जल्द घाटों के किनारे स्थित धार्मिक स्थलों के पास सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे। इसके लिए 19 धार्मिक स्थल और गांवों को चिन्हित किया गया है। डीपीआरओ शौचालय निर्माण को लेकर प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। इन शौचालयों का निर्माण नमामि गंगे के तहत होगा।
बता दें कि गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र की ओर से नमामि गंगे के तहत कई योजनाएं चलाई जा रही है। इस कार्य में प्रदेश सरकार भी सहयोग कर रही है। इसी दिशा में गंगा किनारे धार्मिक स्थलों और गांवों में सार्वजनिक शौचालय बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जिला प्रशासन को आदेश मिल चुके हैं।
इन स्थानों पर बनेंगे शौचालय
गंगा किनारे सार्वजनिक शौचालय निर्माण को अनूपशहर क्षेत्र के गांव मुबारकपुर, सिरोरा बांगर, शेरपुर, फतेहपुर, रूड बांगर, अहार और हसनपुर का चयन किया है। डिबाई क्षेत्र में रामघाट, राजघाट, कर्णवास, नयाबांस बांगर, भेरिया हरिद्वार, स्याना क्षेत्र में रवीनी कटीरी और भगवानपुर तथा ऊंचागांव क्षेत्र में बसी बांगर, औरंगाबाद ताहरपुर, चांसी, मवई और फरीदा बांगर को शामिल किया गया है।
नहीं होगी परेशानी
गंगा किनारे शौचालय बनने से जहां गंगा स्नान को आने श्रद्धालुओं को खुले में शौच से मुक्ति मिलेगी। इसी तरह गंगा किनारे धार्मिक स्थलों पर लगने वाले मेले, गांवों में आने वाली बारात अथवा किसी कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को भी खुले में शौच के लिए नहीं जाना पड़ेगा। महिला और पुरुष शौचालय अलग-अलग होंगे।
केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार ने नमामि गंगे के तहत गंगा किनारे धार्मिक स्थलों और गांवों में सार्वजनिक शौचालय बनाने का निर्णय लिया है। शौचालय निर्माण का प्रस्ताव मांगा गया है, जिसे तैयार किया जा रहा है।
- राजेश कुमार सिंह, डीपीआरओ