अनूपशहर/नरौरा/अहार/ऊंचागांव। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते एक बार फिर से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। स्थिति यह है कि नरौरा बैराज पर बढ़ा जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। अनूपशहर नगर में पानी घुस गया और जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी होने से अहार, अनूपशहर के खेतों में खड़ी फसलों में पानी भर गया है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
पिछले दिनाें गंगा में बढ़े जलस्तर से जिले में काफी नुकसान हुआ। लेकिन अब एक बार फिर से पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते गंगा नदी में भी जलस्तर बढ़ गया है। नरौरा सिंचाई विभाग हेडवर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि हरिद्वार व बिजनौर गंगा बैराज से गंगा में अतिरिक्त जलराशि छोड़े जाने के कारण बुधवार को बैराज पर कुल पानी की आवक 2.72 लाख क्यूसेक हो रही है। जबकि बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में दो लाख 57 हजार क्यूसेक पानी की प्रति सेकेंड निकासी की जा रही है। बैराज पर गंगा का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। सोमवार को बिजनौर बैराज से नदी में 3.70 लाख क्यूसेक एवं हरिद्वार से 3.55 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है, जिससे जलस्तर अब और वृद्धि के साथ तीन लाख क्यूसेक तक पहुंचने की आशंका है। वहीं, स्थिति यह है कि अनूपशहर के जाह्नवी घाट, लाल महादेव घाट और मोहल्ला गंगा द्वार में भी सड़कों पर जल भर गया, जिससे अब लोगों को आने-जाने के दौरान परेशानी हो रही है। जबकि अहार क्षेत्र के गांव औरंगाबाद ताहरपुर, अहार, हसनपुर बांगर, खादर क्षेत्र के खेतों में फसल जलमग्न हो गई है, तो साथ ही देवी मंदिर के आसपास भी जलभराव होने से परेशानी हो रही है। ऊंचागांव क्षेत्र के गजरौला, माडू, हसनगढ़ी, माली मडैया, चासी खादर में फसलों में पानी पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गांव गजरौला व माली मडैया पर बढ़ते जल स्तर से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। पशुओं के चारे के साथ मक्का और गन्ने की फसल में भी करीब चार फीट तक पानी भरा हुआ है। वहीं, नरौरा क्षेत्र के राजघाट बिहार घाट , नौदेयी एवं रामघाट क्षेत्र के गोकुल पुर खादर, नोजल पुर खादर, सरदार नगर आदि के किसानों की गंगा किनारे के खेतों में खड़ी फसलों में बाढ़ का पानी आ गया है । जिसको लेकर किसानों में अपनी फसलों की बर्बादी को लेकर चिंता सता रही है।
टूटा 10 साल का रिकार्ड, प्रशासन सतर्क-
नरौरा। पहाड़ी क्षेत्र में भारी बरसात के कारण उफनाई गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। नरौरा गंगा बैराज पर जलस्तर ने पिछले 10 वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया है। वर्ष 2013 में बैराज से छह लाख क्यूसेक से अधिक पानी की निकासी हुई थी। जिसके बाद जलस्तर खतरे के निशान को पार नही कर पाया था। बैराज के सभी 61 गेटों के फाटक उठा दिए गए हैं। बढ़ते जल स्तर की जानकारी जिला प्रशासन के साथ गंगा नदी से सटे जनपद संभल,अलीगढ़, एटा आदि के प्रशासन एवं बाढ़ नियंत्रण कक्ष लखनऊ तथा एवं विभाग के उच्चाधिकारियों को निरंतर दी जा रही है। बैराज पर विभाग के वरिष्ठ अभियंता कैंप कर रहे हैं और अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए गए हैं। एसडीएम दीपक कुमार पाल ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ के गंगा घाट का दौरा किया। अधिकारियों ने गंगा किनारे के गांवों के प्रधानों व लेखपालों को सतर्क रहने, ग्रामीणों को बढ़ते जलस्तर की जानकारी देकर एहतियात बरतने और पशुओं को लेकर गंगा किनारे जंगल में न जाने की सलाह दी गई है।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें शिकायत -
बाढ़ नियंत्रण कक्ष – 05732-231421
अनूपशहर बाढ़ नियंत्रण कक्ष – 7088352320 और 9917255271
डिबाई बाढ़ नियंत्रण कक्ष – 9719164418 और 8218920647
स्याना बाढ़ नियंत्रण कक्ष – 9454416742 और 8265896772