अनूपशहर में आरती स्थल पर पहुंचा गंगा नदी का जलस्तर। संवाद
अहार/अनूपशहर/नरौरा। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा नदी एक बार फिर उफान पर है। गंगा का पानी खादर से खेतों तक पहुंच गया। खेतों में पानी भरने से काम प्रभावित है और चारे का संकट गहराने लगा है। अनूपशहर में जलस्तर आरती स्थल और घाटों तक पहुंच गया है। नरौरा बैराज पर भी जलस्तर में इजाफा हुआ है।
मानसून की बारिश शुरू होते ही गंगा का जलस्तर कई बार बढ़ चुका है। ऐसे में जलस्तर से गंगा किनारे हजारों बीघा खेतों में पानी भर गया। पानी गांव के रास्तों तक पहुंच गया था। इसके कम होने पर किसानों ने राहत की सांस ली और लग रहा था कि अब जलस्तर में इजाफा नहीं होगा। वहीं, अब पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते के चलते फिर बढ़ गया। गंगा जलस्तर इस कदर बढ़ गया कि पानी खादर से होकर खेतों तक पहुंच गया। एक बार फिर फसलों में पानी भरने के कारण किसानों को अपनी फसलों की चिंता सताने लगी है। अहार में अवंति देवी घाट पर पानी बढ़ गया है। ऐसे में यहां पर श्रद्धालु स्नान नहीं कर पा रहे हैं। अनूपशहर में बढ़े गंगा के जलस्तर के चलते सभी घाट और आरती स्थल तक पहुंच गया। अवर अभियंता ड्रेनेज उमेश कुमार ने बताया कि अभी जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। एसडीएम अनूपशहर नवीन कुमार का कहना है कि गंगा में बढ़े जलस्तर को देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों को नजर रखने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं से गहरे पानी में स्नान न करने और लोगों व किसानों से खादर में न जाने के लिए कहा गया है।
नरौरा बैराज पर 53 हजार क्यूसेक बढ़ा पानी
नरौरा गंगा बैराज पर गंगा नदी के जल स्तर में पिछले दो दिन से लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। दो दिन में 53 हजार क्यूसेक पानी की वृद्धि दर्ज की गई है। जल स्तर सामान्य बाढ़ स्तर से बढ़ कर लो फ्लड स्तर में पहुंच गया है। जलस्तर की प्रवृत्ति वृद्धि की बनी हुई है। सिंचाई विभाग के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में शुक्रवार की दोपहर में 115180 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे 62063 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7978 व पीएलजीसी नहर में 7432 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।