फर्नीचर खरीद घोटाले में शामिल शिक्षकों का वेतन रोका
बुलंदशहर। जनपद के परिषदीय स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए खरीदे गए फर्नीचर में घोटाला सामने आने के बाद बीएसए ने कार्रवाई शुरू कर दी है। तीन प्रधान अध्यापकों के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जबकि, दो प्रधानाध्यापकों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। इन्हें अब मानकों के अनुरूप फर्नीचर खरीद का पूरा रिकॉर्ड दिखाना होगा।
जनपद में संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए शासन द्वारा फर्नीचर खरीद के आदेश दिए गए थे। इसमें एक विद्यालय को करीब 80 हजार रुपये आवंटित किए थे। फर्नीचर खरीद के लिए शासन ने जो गाइडलाइन जारी की, उसके अनुरूप कुछ स्कूलों में फर्नीचर नहीं खरीदा गया और शिक्षकों ने इसमें गड़बड़ कर दी। मामला खुलने के बाद बीएसए ने अनूपशहर और शिकारपुर ब्लॉक के पांच शिक्षकों को नोटिस जारी कर दिए हैं। रविवार को बीएसए ने संबंधित स्कूलों के तीन प्रधानाध्यापकों का वेतन रोक दिया है। बताया गया कि अनूपशहर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मोहरसा नंबर दो के प्रधानाध्यापक और शिकारपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर नंबर एक और उच्च प्राथमिक विद्यालय बनवारीपुर शामिल हैं। इसके आलावा शिकारपुर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय हलपुरा सविलियन के प्रधानाध्यापक और अनूपशहर उच्च प्राथमिक विद्यालय नगर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक को एक सप्ताह के भीतर फर्नीचर खरीद का पूरा रिकॉर्ड और उपभोग प्रमाणपत्र सहित फोटो मांगे हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की फाइल बीएसए द्वारा चलाई जा रही है। अफसरों के अनुसार करीब 1.60 लाख रुपये का घोटाला हुआ है।
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दर्जनों शिक्षकों को दिए हैं नोटिस
फर्नीचर खरीद के मामले में बीएसए की ओर से दर्जनों शिक्षकों को नोटिस दिए गए हैं। बताया गया कि इन शिक्षकों ने भी फर्नीचर खरीदने में गोलमाल किया है। फिलहाल अभी पांच स्कूलों का मामला निकलकर सामने आया है। ऐसे में इन शिक्षकों के खिलाफ भी विभाग जल्द कार्रवाई करेगा। बताया गया खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। संभावना जताई जा रही है कि फर्नीचर खरीद में अभी और फर्जीवाड़ा खुलेगा।
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फर्नीचर खरीद मामले में तीन शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। दो शिक्षकों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। यदि इनके द्वारा समय पर जवाब नहीं दिया जाता है तो कार्रवाई होगी। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा पूरे प्रकरण में जांच कराई जा रही है।
अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी