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कुटीर उद्योग से मिल रहा युवओं को रोजगार

Mon, 11 Jul 2016 11:43 PM IST
शाहनवाज चौधरी, बुलंदशहर
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ग्राम रोजगार सेवक - फोटो : amar ujala
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बुलंदशहर। जिले में चलने वाले छोटे-छोटे कुटीर उद्योग यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इससे न सिर्फ छह लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है बल्कि दो लाख परिवारों को उद्यमी की श्रेणी में ले आया है। यह हकीकत अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा किए गए सर्वे से निकलकर सामने आई है।
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विभाग ने शासन को सर्वे रिपोर्ट भेज दी है। गौरतलब है कि पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने उद्योग व रोजगार का सच जानने के लिए जनपद में डोर-टू-डोर सर्वे कराया था। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, जनपद में कुटीर उद्योगों की संख्या 1.99 लाख से अधिक पाई गई।

नगर और कस्बों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र में कुटीर उद्योगों का जाल सघन पाया है। कुटीर उद्योग से छह लाख महिला-पुरुषों की रोजी-रोटी का बंदोबस्त हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में उद्योगों की संख्या 1,87,117 है। 12,154 उद्योग ऐसे हैं, जो उत्पादन तो ग्रामीण क्षेत्र में ही कर रहे हैं, मगर उद्यमियों ने व्यवसायिक  यूनिट को अपने आवास से अलग स्थापित किया हुआ है।
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ग्रामीण उद्योगों में वैतनिक 30,314 और अवैतनिक कर्मचारियों की संख्या 3,89,976 है। शहरी उद्योगों में 36,139 कर्मचारी वेतन पर काम कर रहे और 63,381 लोग अवैतनिक कार्यरत हैं। अवैतनिक कर्मचारियों को काम के हिसाब से पेमेंट किया जाता है। शहर में उद्योगों की संख्या 44,260 है।

ये उद्यम कारोबारियों ने रिहायशी क्षेत्र में लगा रखा है। वहीं, 10,416 उद्यम आवास से अलग किसी दूसरे स्थान पर लगाए हैं। शहर में महिला कामगारों की संख्या 12,077 जबकि पुरुष कामगारों की तादाद 87443 तक पहुंच गई है।
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