सिकंदराबाद। गाजियाबाद-अलीगढ़ नेशनल हाईवे-34 पर सड़क हादसों को रोकने के लिए 118 किलोमीटर लंबे हाईवे पर करीब 200 करोड़ की लागत से चार अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। हाईवे संचालन करने वाली कंपनी के प्रस्ताव को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। अंडरपास बनने से वाहन चालकों को सुरक्षित और निर्बाध सफर का लाभ मिलेगा। साथ ही हाईवे पर होने वाले जानलेवा हादसों में भी कमी आएगी।
नेशनल हाईवे-34 गाजियाबाद के लाल कुआं से शुरू होकर अलीगढ़ तक जाता है। यह मार्ग लगभग 118 किलोमीटर लंबा है और औसतन प्रतिदिन करीब 30 हजार वाहन इस पर से होकर गुजरते हैं। वाहनों की भारी संख्या, तेज गति और क्रॉसिंग पर अंडरपास की कमी के कारण इस हाईवे पर कई स्थानों पर हादसों और जाम का कारण बन जाते हैं। हाईवे पर पड़ने वाले गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में अपने वाहनों से इस मार्ग का उपयोग करते हैं। कुछ मुख्य चौराहों और क्रॉसिंग पर अंडरपास न होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है।
हाईवे पर वाहनों की गति अधिक होने के कारण क्रॉसिंग पर अचानक ब्रेक लगाने या एक ओर से दूसरी ओर जाने की कोशिश में अक्सर वाहन आपस में भिड़ जाते हैं, जिससे गंभीर हादसे होते रहते हैं। इसके अलावा, पैदल और छोटे वाहन से हाईवे पार करने वाले ग्रामीण भी अक्सर हादसों का शिकार होते रहते हैं। साथ ही हाईवे किनारे कई औद्योगिक इकाइयां हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। इन ईकाइयों से माल लेकर आने-जाने वाले वाहन भी हाईवे के एक ओर से दूसरी ओर लगातार क्रॉस करते रहते हैं।
वहीं, अब नेशनल हाईवे 34 की संचालन कंपनी क्यूब हाईवे के परियोजना हेड अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि उन्होंने गाजियाबाद से अलीगढ़ तक हाईवे पर कुल छह स्थानों पर अंडरपास बनाने के लिए एनएचएआई को एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव पर विचार करने के बाद एनएचएआई ने तत्काल प्रभाव से चार स्थानों पर अंडरपास बनाने को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इन चार स्थानों पर बनेंगे अंडरपास : औद्योगिक क्षेत्र में चार नंबर कट, सुखलालपुर तिराहा, अड़ोली मोड़, खुर्जा बाईपास। (संवाद)