बुगरासी में बारहसिंघा के शिकार के छह महीने बाद पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा लेकिन चार घंटे बाद उसे छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी पक्ष के दबाव और एक पुलिस अधिकारी के कहने पर ऐसा किया गया। हालांकि चौकी पुलिस आरोपी को दोबारा पकड़ने की बात कह रही है।
29 मार्च 2016 की रात बुगरासी क्षेत्र में बारहसिंहा का शव मिला था। इस मामले में वन दरोगा सुरेंद्र भाटी ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम में बारहसिंहा की धारदार हथियार से हत्या का खुलासा हुआ था। तत्कालीन चौकी प्रभारी शौकेंद्र वालियान ने दो आरोपियों के नाम उजागर किए थे, जिसमें एक नाम बशी बांगर निवासी सुहेल उर्फ ताज का था।
इस मामले में कार्रवाई से पहले ही दरोगा शौकेंद्र बालियान का ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद केस ठंडे बस्ते में पड़ गया। एक और चौकी इंचार्ज बदलने के बाद दरोगा बच्चू सिंह ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को बुधवार शाम हिरासत में ले लिया। देर शाम तक पुलिस के अधिकारी गिरफ्तार और हिरासत की बात कहते रहे।
तभी एक राजपत्रित अधिकारी चौकी पहुंचे और एसएसपी को जानकारी देते हुए आरोपी को निर्दोष बताया। इस दौरान कई नेताओं के फोन भी आते रहे। चौकी प्रभारी बच्चू सिंह ने बताया कि अधिकारियों के आदेश पर आरोपी को छोड़ा गया है।
वह बारहसिंहा के शिकार मामले में आरोपी है। उसके खिलाफ और सबूत जुटाए जा रहे हैं। हालांकि इस बारे में सीओ स्याना चितरंजन चौहान ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।