बुलंदशहर। जिले के आम का स्वाद अब विदेशी भी ले सकेंगे। जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। इसके लिए जिला उद्यान विभाग और मंडी अधिकारियों ने जिले के साथ सहारनपुर व अमरोहा के कारोबारियों से संपर्क साधा है। स्याना के आम की खास मांग रहती है। अभी तक लोग विदेश में रहने वाले अपने परिचितों का ही आम भेज पाते हैं।
जिले में 14 हजार हेक्टेयर में आम की पैदावार होती है। इसमें सबसे ज्यादा पैदावार स्याना तहसील में होती है। इससे सटे हुए बुगरासी, ऊंचागांव और अनूपशहर बेल्ट में भी आम का काफी होता है। यहां से दिल्ली, अलीगढ़, आगरा, मथुरा व अन्य आसपास के जिलों में आम जाता है। हरियाणा और राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी आम की खास मांग रहती है।
1990 में पहली बार स्याना और बुगरासी का आम विदेश में गया। उसके बाद से लगातार विभिन्न देशों में यहां का आम पसंद किया जा रहा है। आम की वैरायटी चौसा, दशहरी और लंगड़ा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। अनाज व फल-सब्जी मंडी बुलंदशहर के अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि जिले के आम को विदेश तक भेजने के लिए जिला समेत सहारनपुर व अमरोहा के कारोबारियों से संपर्क किया है।
शिकारपुर-खुर्जा रोड स्थित आंचरू कला में हिमांशी राघव जिले से कई देशों में सब्जी समेत अन्य खाद्य पदार्थ भेजने का काम करते हैं। वह स्विट्जरलैंड और सऊदी अरब समेत कई देशों में सब्जी आदि पैकिंग कर भेज रहे हैं। उनसे संपर्क कर जिले के आम को भी भेजने के लिए बात चल रही हैं।
वहीं, जिला उद्यान अधिकारी जगदीश प्रसाद और जिला उद्यान अधिकारी गौतमबुद्ध नगर शंकर लाल के अनुसार आम को विदेश भेजने और बागान किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में पहल की गई है।
इसके लिए स्याना समेत कई क्षेत्र के बागान किसानों से विदेश में आम भेजने के लिए संपर्क किया है। किसानों ने इस पर सहमति जताई है। विभाग की ओर से लगातार कारोबारियों से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही इस पर सहमति बन जाएगी। ऐसा होने पर किसान अपना आम इन कारोबारियों को उपलब्ध कराएंगे।